मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्विकास को मिलेगी रफ्तार, 18 नए क्लस्टर प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव तैयार

Mumbai Development News: मुंबई में एसआरए ने झोपड़पट्टी क्लस्टर पुनर्विकास के लिए 18 नए क्षेत्रों का प्रस्ताव तैयार किया। वडाला, बांद्रा और अंधेरी के बड़े झुग्गी क्षेत्रों का होगा कायाकल्प।
Mumbai's SRA accelerates slum cluster redevelopment by proposing 18 new clusters, including Wadala & Bandra, under the State Housing Policy for integrated growth.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai Slum Redevelopment: अंधेरी पश्चिम स्थित सीडी बरफीवाला मार्ग की क्लस्टर पुनर्विकास परियोजना को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) ने मुंबई के अन्य बड़े झोपड़पट्टी क्षेत्रों के पुनर्विकास की प्रक्रिया तेज कर दी है। महाराष्ट्र सरकार की झोपड़पट्टी क्षेत्र क्लस्टर पुनर्विकास योजना के तहत अब शहर के 18 नए क्लस्टरों को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसके लिए उच्चाधिकार समिति से मंजूरी मांगी गई है।

प्रस्तावित क्लस्टरों में वडाला ट्रक टर्मिनल, बांद्रा पूर्व का बहरामपाड़ा और अंधेरी पूर्व का मजासवाड़ी जैसे बड़े झुग्गी क्षेत्र शामिल हैं। यह पहल राज्य आवास नीति-2025 के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य छोटे-छोटे पुनर्वास प्रकल्पों के बजाय बड़े झोपड़पट्टी क्षेत्रों का एकीकृत, सुनियोजित और आधुनिक विकास करना है।

अधिकारियों के अनुसार, अंधेरी पश्चिम के सीडी बरफीवाला मार्ग पर 101.36 एकड़ क्षेत्र में फैली पायलट क्लस्टर पुनर्विकास परियोजना को निवेशकों और डेवलपर्स की ओर से उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है। परियोजना के लिए आयोजित बोली प्रक्रिया में रिलायंस 4आईआर रियल्टी डेवलपमेंट लिमिटेड सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में सामने आई है। विकासकर्ता की नियुक्ति का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

18 नए क्लस्टर प्रोजेक्ट्स से झोपड़पट्टी पुनर्विकास

एसआरए का मानना है कि देश की प्रमुख निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से बड़े पैमाने पर क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। इससे न केवल झुग्गीवासियों को बेहतर आवास उपलब्ध होंगे, बल्कि क्षेत्रीय आधारभूत सुविधाओं, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक स्थानों और सामाजिक सुविधाओं का भी समग्र विकास संभव हो सकेगा।

सूत्रों के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र के कई अन्य घनी आबादी वाले झुग्गी क्षेत्रों को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना में शामिल करने की तैयारी चल रही है। सरकार का लक्ष्य पुनर्विकास की बिखरी हुई परियोजनाओं के बजाय बड़े क्षेत्रों का समग्र विकास कर शहरी नियोजन को अधिक प्रभावी बनाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित 18 क्लस्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिल जाती है, तो मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के क्षेत्र में यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे हजारों परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलने के साथ-साथ शहर के नियोजित विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

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