Bandra East Nala No 22 (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bandra East Nala No 22 Redevelopment: बांद्रा-पूर्व के नौपाडा और घास बाजार क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले करीब पांच दशकों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर स्थानीय लोगों को अब जलजमाव की समस्या से स्थाई मुक्ति मिलने वाली है।
‘नाला नंबर 22’ की मरम्मत और पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे प्रशासन ने आखिरकार 3 और 4 अप्रैल को 18 नंबर गेट से गुजरने वाले सर्विस ट्रैक पर विशेष ट्रैफिक ‘ब्लॉक’ की मंजूरी दे दी है। नौपाडा पीपुल्स वेलफेयर कमेटी के महासचिव अब्दुल कादिर शेख के निरंतर संघर्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय के बाद रेलवे ने इस कार्य के लिए समय निर्धारित किया है।
बांद्रा-पूर्व स्थित 18 नंबर रेलवे फाटक स्थित रेल इमारतों के पास से शुरू होकर यह नाला नौपाडा और घास बाजार के रास्ते चमड़ावाड़ी नाले तक जाता है। यह बांद्रा टर्मिनस से 18 नंबर गेट के रास्ते बांद्रा रेलवे स्टेशन जाने वाले सिंगल सर्विस ट्रैक के नीचे से गुजरता है। नाले का निर्माण करीब 70 साल पहले किया गया था। उस दौर में यह बांद्रा स्टेशन की रेल इमारतों के गंदे पानी और रेलवे ट्रैक से होने वाली बारिश के पानी की निकासी का मुख्य जरिया था। लेकिन समय के साथ नाला पूरी तरह जर्जर हो गया और कचरे से जाम होने के कारण पिछले 50 वर्षों से प्राय: यहां बिना बारिश के भी गंदा पानी भर जाता है।
इस परियोजना के तहत पुरानी और जर्जर पाइपलाइन को हटाकर आधुनिक ‘बॉक्स कल्वर्ट’ का निर्माण किया जाएगा। अब्दुल कादिर शेख के अनुसार, नाले के जाम होने और ढांचा कमजोर होने से ट्रैक के नीचे की मिट्टी खिसकने का डर हमेशा बना रहता था। नया बॉक्स कल्वर्ट बनने से न केवल पानी की निकासी सुचारू होगी, बल्कि रेलवे ट्रैक के धंसने का खतरा भी पूरी तरह टल जाएगा। यह बदलाव उन राहगीरों के लिए वरदान साबित होगा जो 18 नंबर गेट से होकर बांद्रा स्टेशन, नौपाडा हिंदू श्मशान भूमि और कब्रस्तान की ओर जाते हैं।
इस महत्वपूर्ण कार्य को गति देने के लिए उत्तर मध्य मुंबई की सांसद वर्षा गायकवाड़ और स्थानीय विधायक वरुण सतीश सरदेसाई लगातार पश्चिम रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पंकज सिंह के संपर्क में थे। विधायक सरदेसाई ने हाल ही में 48 घंटे के ब्लॉक की लिखित मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। वहीं, सांसद गायकवाड़ ने जिला नियोजन बैठक में इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया था।
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उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने इस मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक 3,04,141 रुपये का शुल्क रेलवे को पहले ही अदा कर दिया है। अब ब्लॉक की मंजूरी मिलने के साथ ही मानसून की शुरुआत से पहले इस काम को युद्ध स्तर पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि इस साल बारिश में नागरिकों को जलजमाव का सामना न करना पड़े।