बीजेपी-NCP(SP) नेताओं की मारपीट पर पुलिस का एक्शन, 2 लोग गिरफ्तार, FIR दर्ज

BJP-NCP (SP) Assembly Clash : महाराष्ट्र विधानसभा में बीते दिन भारतीय जनता पार्टी और शरद पवार गुट के नेताओं के समर्थकों के बीच हुई झड़प पर मुंबई पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।
BJP-NCP (SP) Assembly Conflict : महाराष्ट्र विधानसभा में बीते दिन भारतीय जनता पार्टी और शरद पवार गुट के नेताओं के समर्थकों के बीच हुई झड़प पर मुंबई पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।
मुंबई पुलिस का एक्शन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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BJP-NCP (SP) Assembly Clash : महाराष्ट्र विधानसभा में बीते दिन हुए हंगामे के बाद पुलिस में आज झड़प करने वालों खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बीते दिन विधानसभा के बाहर भारतीय जनता पार्टी के विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी-एससीपी (शरद पवार गुट) नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच हुई झड़प की घटना में एफआईआर दर्ज की।

मुंबई पुलिस ने अब तक इस झड़प मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद पक्ष और विपक्ष ने इसकी निंदा की है और झगड़ा करने वाले समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायकों ने झड़क की करी आलोचना

विधान भवन परिसर में दो गुटों के बीच हुई झड़प पर भाजपा विधायक विक्रम बबनराव पचपुते ने कहा, "यह दोनों पक्षों द्वारा की गई अनुचित कार्रवाई है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, खासकर जब पूरा महाराष्ट्र राज्य हमें देख रहा हो। हमारा व्यवहार हम सभी पर प्रतिबिंबित होता है, और इससे गलत संदेश जाता है।" विधान भवन परिसर में दो गुटों के बीच हुई झड़प पर शिवसेना नेता आशीष जायसवाल ने कहा, "विधान भवन एक पवित्र सभा भवन है, और किसी भी पार्टी की ओर से ऐसी कोई भी घटना अनुचित है और इसका समर्थन नहीं किया जा सकता। जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। विधानसभा की गरिमा को किसी भी तरह से कम नहीं किया जाना चाहिए।"

विधान भवन की पवित्रता बनाए रखें-  अशोक चौधरी

भाजपा विधायक मनीषा अशोक चौधरी ने कहा, "विधान भवन की पवित्रता बनाए रखी जानी चाहिए। केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को अंदर आना चाहिए जो यह सीखना चाहते हैं कि विधायिका में कानून कैसे बनाए जाते हैं। किसी को भी यहां नियमों को तोड़ने या उनका दुरुपयोग करने के लिए नहीं आना चाहिए। शिष्टाचार और शांति बनाए रखी जानी चाहिए। क्या जो किया गया वह बहुत गलत था। मुझे विश्वास है कि हमारे अध्यक्ष और सभापति इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।"

ये है पूरा मामला

आपको जानकारी दें, कि 17 जुलाई को महाराष्ट्र विधानसभा में मानसून सत्र चल रहा था। सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी बहस के बाद विपक्ष में सदन में हंगामा कर वाॅकआउट किया था और विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठक कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबारी की। यह मामला देखते-ही-देखते निजी बन गया। एनसीपी-एसपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर को लेकर नारेबाजी की और माहौल गरमा गया।

मामला मारपीट तक पहुंच गया और अचानक विधान भवन परिसर के अंदर बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। जितेंद्र आव्हाड तथा गोपीचंद पडलकर के बीच गाली-गलौज और हाथापाई का वीडियो भी सामने आया था।