विधान भवन के अंदर हाथापाई, BJP विधायक और जितेंद्र आव्हाड के समर्थक भिड़े- VIDEO

Gopichand Padalkar and Jitendra Awhad supporters Clash: महाराष्ट्र विधान भवन परिसर के अंदर बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच झड़प हो गई।
विधान भवन के अंदर हाथापाई, BJP विधायक और जितेंद्र आव्हाड के समर्थन भिड़े- VIDEO
विधानभवन परिसर में आपस में भिड़े बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और जितेंद्र आव्हाड के समर्थक (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी बहस चल रही है। विपक्ष इस सत्र में सरकार पर हमलावार है। कई मुद्दों पर विपक्ष में सदन में हंगामा किया और वाॅकआउट किया। विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठक कर विपक्ष के विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबारी की। लेकिन यह मामला अब निजी भी होता जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद दोनों के बीच माहौल गर्म हो गया है।

यह मामला अब मारपीट तक पहुंच गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र विधान भवन परिसर के अंदर बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इससे पहले पडलकर और आव्हाड में भी तीखी बहस हुई थी। जितेंद्र आव्हाड तथा गोपीचंद पडलकर के बीच गाली-गलौज का वीडियो सामने आया है।

पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच तनाव का माहौल है। कुछ दिन पहले, विधान भवन परिसर में जाते समय जितेंद्र आव्हाड ने बिना नाम लिए गोपीचंद पडलकर पर निशाना साधा और 'मंगलसूत्र चोर का... मंगलसूत्र चोर का' जैसे नारे लगाए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद दोनों नेताओं के समर्थकों ने भी एक-दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया था।

क्या बोले जितेंद्र आव्हाड?

इधर विधान भवन में हुई झड़प पर नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि अगर विधायक विधानसभा के अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो विधायक क्यों बने रहें? मुझे मारने की धमकी दी गई। पूरा महाराष्ट्र जानता है कि हमलावर किसने किया। इसके बावजूद हमसे बार-बार सबूत मांगे जा रहे हैं। पूरे देश ने देखा कि हमला किसने किया।

जिन्होंने पास दी उन पर हो कार्रवाई

इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर ऐसी घटनाएं वहां होने दी जाएंगी तो विधान भवन का क्या महत्व रह जाएगा? यह कोई साधारण सड़क नहीं, बल्कि लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है। जिन्होंने इन लोगों को विधानसभा में आने के लिए पास दी है उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

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