Ashok uike (सोर्सः सोशल मीडिया)
Tribal Sub Plan Maharashtra: आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज गति से और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं को समावेशी, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए।
आदिवासी विकास मंत्री की अध्यक्षता में वर्ष 2026-27 के जिला-वार्षिक आदिवासी घटक कार्यक्रम का मसौदा तैयार करने के लिए नौ जिलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गडचिरोली, धुले, नागपुर, अमरावती, अहिल्यानगर, नांदेड, गोंदिया, वर्धा और भंडारा जिलों को शामिल किया गया।
बैठक में विधायक डॉ. किरण लहामटे, विधायक सुमित वानखेड़े, आदिवासी विकास विभाग के सचिव विजय वाघमारे सहित वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। डॉ. उईके ने स्पष्ट किया कि आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल आदिवासी समाज और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए ही किया जाए।
उन्होंने रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत आदिवासी महिला बचत समूहों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक जिले में कम से कम एक आश्रम शाला को “मॉडल आश्रम शाला” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
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आगामी वित्तीय वर्ष की योजना पर चर्चा करते हुए मंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी सुविधाएं, आश्रम शालाएं और आदिवासी महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रस्ताव स्थानीय आदिवासी समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाने चाहिए, ताकि उनका वास्तविक और दीर्घकालिक लाभ समाज तक पहुंचे।