
Adivasi Vikas Vibhag:भंडारा जिले में आदिवासी स्वयंरोजगार योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara District: आदिवासी विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वयंरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष आर्थिक सहायता योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत मंडप डेकोरेशन, बिछायत सामग्री क्रय, बांस उत्पाद निर्माण जैसे विभिन्न व्यवसायों के लिए 85 प्रतिशत तक अनुदान तथा आवश्यक प्रशिक्षण देने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य शिक्षित आदिवासी युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन भंडारा जिले में पिछले चार वर्षों के आंकड़े इसके कमजोर क्रियान्वयन की ओर इशारा कर रहे हैं।
भंडारा जिले के लिए प्रतिवर्ष 40 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक एक भी वर्ष ऐसा नहीं रहा जब यह लक्ष्य पूरा हो सका हो। वित्तीय वर्ष 2022-23 में केवल 33 युवक-युवतियों को योजना का लाभ दिया गया। इसी तरह 2023-24 में 34 लाभार्थियों का चयन हुआ। वर्ष 2024-25 में स्थिति और भी खराब रही, जब मात्र 20 लाभार्थियों को ही इस योजना के अंतर्गत सहायता मिल पाई।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 25 लाभार्थियों का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन अब तक केवल एक ही लाभार्थी को स्वीकृति दी गई है, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी दो माह से अधिक का समय शेष है। वर्तमान स्थिति में लाभार्थियों की ओर से अपना अंश भरने की प्रक्रिया तो शुरू हो चुकी है, लेकिन चयन की गति अत्यंत धीमी बनी हुई है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस वर्ष भी निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा।
योजना के अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग भी संतोषजनक नहीं रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 17 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी, जिसमें से 14 लाख 2 हजार 500 रुपये खर्च किए गए, जबकि 2 लाख 97 हजार 500 रुपये शेष रह गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भी 17 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए, जिनमें से 14 लाख 45 हजार रुपये खर्च होने के बाद 2 लाख 55 हजार रुपये अप्रयुक्त रह गए।
वर्ष 2024-25 में उपलब्ध 17 लाख रुपये में से केवल 8 लाख 50 हजार रुपये ही खर्च हो सके और शेष राशि बिना उपयोग के रह गई। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10 लाख 62 हजार 500 रुपये प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक मात्र 42 हजार 500 रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 10 लाख 20 हजार रुपये अब भी अप्रयुक्त पड़े हैं।
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योजना के अंतर्गत पात्रता की शर्तें स्पष्ट हैं। आवेदक का अनुसूचित जनजाति से होना तथा शिक्षित और बेरोजगार होना अनिवार्य है। इसके बावजूद अपेक्षित संख्या में आवेदन और चयन न होना प्रशासनिक उदासीनता, प्रचार की कमी और जमीनी स्तर पर मार्गदर्शन के अभाव की ओर संकेत करता है।
योजना में रुचि रखने वाले उम्मीदवार आदिवासी विकास विभाग के संबंधित जिला कार्यालय (आईटीडीपी) से संपर्क कर सकते हैं या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट itdpwrd.org के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए, तो यह भंडारा जिले के शिक्षित आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकती है।






