Ashok Kharat ED Action (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ashok Kharat ED Action: तांत्रिक अशोक खरात और उसकी पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत दंपति के चार बैंक खाते सील कर दिए हैं, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लग गई है। जांच में यह सामने आया है कि खरात के कथित भक्तों में कई बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं।
इनमें उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकणकर और पूर्व मंत्री दीपक केसरकर जैसे नाम चर्चा में हैं। हालांकि इन नेताओं की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अशोक खरात पर आरोप है कि उसने चमत्कार और तंत्र-मंत्र के नाम पर कई महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और उनका यौन शोषण किया। इसके अलावा, जांच एजेंसियों को उसकी और उसकी पत्नी कल्पना की कई बेनामी संपत्तियों की जानकारी भी मिली है।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि दंपति कथित तौर पर हवाला रैकेट संचालित कर रहा था। इसके जरिए वह अपने अनुयायियों के काले धन को इधर-उधर ट्रांसफर करता था। नाशिक, पुणे, मुंबई और अहिल्यानगर के विभिन्न खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन के सबूत मिले हैं।
मामले ने उस समय नया और नाटकीय मोड़ ले लिया जब खरात का करीबी और वित्तीय सलाहकार रहे ललित पोफले ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पोफले ने विशेष जांच दल को लिखित शिकायत सौंपते हुए खरात पर करीब 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
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सीए की शिकायत के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां अब मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस हाई प्रोफाइल केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे कई प्रभावशाली लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।