Maharashtra में Deputation Rules सख्त: राजस्व विभाग की नई गाइडलाइन लागू, लंबे डेपुटेशन पर लगेगी लगाम

Maharashtra के राजस्व विभाग ने नई नियमावली जारी कर डेपुटेशन के बाद अधिकारियों के लिए मूल विभाग में 3 साल सेवा अनिवार्य कर दी है। इससे लंबे समय तक बाहर रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
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नवी मुंबई एजुसिटी प्रोजेक्ट अपडेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Maharashtra Deputation Rules 2026: महाराष्ट्र के राजस्व विभाग ने अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) को लेकर सख्त कदम उठाते हुए नई मार्गदर्शक नियमावली लागू कर दी है। इसका उद्देश्य विभाग के मूल कामकाज को प्रभावित होने से बचाना और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना है।

नई गाइडलाइन के अनुसार, अब किसी भी राजपत्रित अधिकारी को डेपुटेशन का कार्यकाल पूरा करने के बाद अपने मूल विभाग में कम से कम 3 वर्ष तक सेवा देना अनिवार्य होगा। इस अवधि को पूरा किए बिना उन्हें दोबारा प्रतिनियुक्ति पर भेजने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Maharashtra में डेपुटेशन की अवधि पर तय सीमा

राजस्व विभाग ने डेपुटेशन की अवधि को भी सीमित कर दिया है। अब अधिकारियों को शुरुआत में अधिकतम 3 वर्ष के लिए ही अन्य विभागों या निगमों में भेजा जाएगा। इस कदम से लंबे समय तक बाहरी पदों पर रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और मूल विभाग में कार्य की निरंतरता बनी रहेगी।

मंत्रियों के स्टाफ के लिए अलग प्रावधान

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। इन पदों पर प्रतिनियुक्ति की अधिकतम अवधि 5 वर्ष तय की गई है। यदि इससे अधिक अवधि के लिए विस्तार देना हो, तो मुख्यमंत्री की विशेष अनुमति आवश्यक होगी।

अपवाद में सीमित विस्तार की अनुमति

विशेष परिस्थितियों में डेपुटेशन अवधि में केवल 1 वर्ष का ही विस्तार दिया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी को अपने मूल विभाग से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

इस नई नियमावली से उम्मीद जताई जा रही है कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही, अधिकारियों की लंबे समय तक बाहरी तैनाती की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।

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