

Navi Mumbai News In Hindi: गणेशोत्सव आने में बस कुछ ही दिन बाकी हैं। जिसे लेकर नवी मुंबई, पनवेल और उरण के क्षेत्र में उत्साह का माहौल बनने लगा है। इन क्षेत्रों के विभिन्न गणेशोत्सव मंडलों ने गणेशोत्सव की तैयारी करते हुए मंडप की सजावट का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया है।
वहीं दूसरी ओर भगवान गणेश के आगमन और विसर्जन के दौरान ताल पर ताल रखने के लिए मजबूर करने वाली ढोल-ताशा टोलियों ने भी अपना अभ्यास जोरों पर शुरू किया है। ढोल-ताशा टोलियां अपने साथियों के साथ सुबह-शाम विभिन्न फ्लाईओवरों, खुले स्थानों और मैदानों में अभ्यास करती दिखाई देती हैं।
यह टोलियां पिछले एक महीने से ढोल-ताशा और झांझ की एक विशिष्ट लय बनाए रखने का अभ्यास करती नजर आती हैं। इसके लिए कुछ टोलियां इस वर्ष नए वाद्य यंत्र खरीद रही हैं और पारंपरिक व आधुनिक ताल का संगम बनाने की कोशिश कर रही हैं। गौरतलब है कि गणेश उत्सव के दौरान भव्य जुलूसों, आगमन और विसर्जन समारोहों में ढोल और ताशों की ध्वनि को महत्वपूर्ण माना जाता है। गणेश मंडलों का मानना है कि अगर ढोल-ताशों की ध्वनि न हो, तो भगवान गणेश के आगमन और विसर्जन का क्या फायदा? इसलिए गणेश मंडल सर्वश्रेष्ठ ढोल-ताशा समूहों की तलाश में जुट गए हैं।
नवी मुंबई, पनवेल और उरण के तहत आने वाले क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर देखा जा रहा है कि ढोल-ताशा समूह अधिक से अधिक अभ्यास कर रहे हैं। जहां पर आसपास के नागरिक भी अपना मनोरंजन करने के लिए पहुंच जाते हैं। जिससे इन टीमों का उत्साह बढ़ रहा है और वे अधिक से अधिक अच्छे से अच्छा अभ्यास करते दिखाई देते हैं। ढोल-ताशा टीमों के अभ्यास की आवाज सुबह और शाम नागरिकों के कानों तक पहुंच रही है। इस तरह की तैयारियों से यह संकेत मिल रहा है कि इस वर्ष नवी मुंबई क्षेत्र में गणेशोत्सव भव्य पैमाने पर मनाया जाएगा।