Amruta Fadnavis On Ashok Kharat Case (फोटो क्रेडिट-X)
Amruta Fadnavis On Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में भोंदू बाबा अशोक खरात के काले कारनामों के खुलासे के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं जारी हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता अमृता फडणवीस ने इस पूरे मामले पर अपनी बेबाक राय रखी है। एक समाचार कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उन्होंने न केवल अंधविश्वास पर कड़ा प्रहार किया, बल्कि अपने पति और राज्य के गृहमंत्री की कार्यप्रणाली पर भी ‘अपनों’ वाली कड़ाई दिखाते हुए अफसोस जताया कि यह कार्रवाई बहुत पहले होनी चाहिए थी।
अमृता फडणवीस का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, क्योंकि उन्होंने इस संवेदनशील मामले में सरकार की तारीफ करने के बजाय उन पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताई है जिन्हें समय रहते न्याय नहीं मिल सका।
जब अमृता फडणवीस से पूछा गया कि मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री ने इस मामले में SIT गठित कर कड़ी कार्रवाई की है, तो उन्होंने बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा, “इस कार्रवाई पर गर्व करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि देवेंद्र फडणवीस तक मामला पहुंचने के बाद उन्होंने तुरंत एक्शन लिया, लेकिन मेरा मानना है कि यह मामला उन तक बहुत पहले पहुंच जाना चाहिए था। अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो कई महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार को टाला जा सकता था और कई मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।” उन्होंने इस देरी पर स्पष्ट रूप से अपना दुख और खेद प्रकट किया।
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अमृता फडणवीस ने समाज को ‘बाबा-बाजी’ और शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी। उन्होंने विश्वास और अंधविश्वास के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि “विश्वास भीतर से आता है, जबकि अंधविश्वास डर और अनिश्चितता से पैदा होता है। जब हम अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं, तभी हम ऐसे ढोंगी बाबाओं के जाल में फंसते हैं। हमें वेदों, गीता और रामायण जैसे शास्त्रों का सहारा लेना चाहिए जो हमें जीवन जीने की स्पष्टता देते हैं, न कि किसी ऐसे गुरु की जो हमें खुद से ही दूर कर दे।”
अशोक खरात जैसे मामलों से बचने के लिए उन्होंने महिलाओं और नागरिकों को ‘अंतर्मन’ की आवाज सुनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि “हमें किसी मध्यस्थ या तथाकथित गुरु की जरूरत नहीं है। सब कुछ हमारे भीतर है। जब हम निरंतर मेहनत करते हैं और अपने आदर्शों पर चलते हैं, तो हमें किसी चमत्कार की आवश्यकता नहीं होती। ऐसी ‘बाबा-बाजी’ का समाज को पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए।” उन्होंने भरोसा जताया कि अब सरकार इस मामले की तह तक जाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी।