अभिनेत्री उषा चव्हाण के जमीन विवाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बड़ी एंट्री, TDR ट्रांजैक्शन पर लगाई रोक
Eknath Shinde Helps Usha Chavan: अभिनेत्री उषा चव्हाण के पुणे जमीन विवाद मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा फैसला लिया है। जानें उषा चव्हाण से फोन पर क्या बाले शिंदे?
- Written By: गोरक्ष पोफली
आनंद आश्रम में अभिनेत्री उषा चव्हाण (सोर्स: सोशल मीडिया)
Actress Usha Chavan Pune Land Dispute: मराठी फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी और वरिष्ठ अभिनेत्री उषा चव्हाण के पुणे स्थित धनकवड़ी की जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब सीधे राज्य सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। अपनी पैतृक जमीन पर हुए कथित अन्याय के खिलाफ उषा चव्हाण ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से न्याय की गुहार लगाई थी।
मामला तब और गंभीर हो गया जब रविवार को उषा चव्हाण अपने बेटे हृदयनाथ के साथ सीधे ठाणे के टेंभी नाका स्थित आनंद आश्रम पहुंच गईं। वहां उन्होंने अत्यंत दुखी होकर घोषणा की कि वे सरकार से मिला प्रतिष्ठित वी. शांताराम पुरस्कार वापस लौटाने आई हैं, क्योंकि 26 साल तक अदालत की लड़ाई जीतने के बाद भी प्रशासन उनके साथ न्याय नहीं कर रहा है।
क्या है 26 साल पुराना पुणे जमीन का पूरा विवाद?
अभिनेत्री उषा चव्हाण और उनके पति दत्तात्रय कडू देशमुख के अनुसार, पुणे के धनकवड़ी इलाके में उनकी मालकी की एक कीमती जमीन है। इस जमीन को लेकर पिछले 26 वर्षों से अदालत में कानूनी जंग चल रही थी। आखिरकार कोर्ट ने उषा चव्हाण के बेटे हृदयनाथ का इस जमीन पर मालिकाना हक कानूनी रूप से मान्य कर लिया।
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विवाद का मुख्य कारण
अदालत का फैसला आने के बावजूद, पुणे के एक निजी डेवलपर (बिल्डर) गोयल गंगा ने कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर इस जमीन का टीडीआर अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया। जब पुणे महानगरपालिका (PMC) स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो अभिनेत्री को ठाणे के आनंद आश्रम का रुख करना पड़ा।
शिवसैनिकों की मुस्तैदी और अभिनेता मंगेश देसाई की मध्यस्थता
आनंद आश्रम में जब उषा चव्हाण ने वहां मौजूद शिवसैनिकों को अपनी आपबीती सुनाई, तो उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा। कार्यकर्ताओं ने फौरन प्रसिद्ध अभिनेता-निर्माता मंगेश देसाई को इसकी सूचना दी। मंगेश देसाई ने आश्रम पहुंचकर उषा चव्हाण से मुलाकात की, मामले के सारे कागजात समझे और सीधे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फोन कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का फोन
मामले की जानकारी मिलते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तुरंत एक्शन में आए। उन्होंने वहीं से नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डी. गोविंदराज और पुणे महानगरपालिका (PMC) के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। अब पुणे मनपा द्वारा इस जमीन से जुड़े किए गए टीडीआर (TDR) व्यवहार पर तुरंत तात्कालिक रोक लगा दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि उनके समक्ष दोनों पक्षों (अभिनेत्री उषा चव्हाण और बिल्डर गोयल गंगा) की अलग से एक विशेष और स्वतंत्र सुनवाई (Hearing) रखी जाए। सभी पक्षों को अपने मूल कागजात पेश करने होंगे, जिनकी गहन जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इसके बाद, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मंगेश देसाई के फोन के जरिए सीधे उषा चव्हाण से बात की। उन्होंने अभिनेत्री को आश्वस्त करते हुए कहा, हमने इस व्यवहार पर तुरंत रोक लगा दी है। महायुति सरकार में किसी भी कलाकार या नागरिक पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगली सुनवाई में आप अपने दस्तावेज लाएं, पूरा न्याय मिलेगा।
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आनंद दिघे की विरासत को दिया धन्यवाद
उपमुख्यमंत्री शिंदे से मिले इस त्वरित आश्वासन और राहत के बाद अभिनेत्री उषा चव्हाण काफी भावुक हो गईं और उन्होंने उपमुख्यमंत्री व अभिनेता मंगेश देसाई का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, मैं स्वर्गीय आनंद दिघे साहब के कल्याणकारी कार्यों से भली-भांति परिचित हूं। आज मुझे विश्वास हो गया है कि एकनाथ शिंदे और उनके सहयोगी आनंद दिघे साहब की उस पवित्र विरासत को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ा रहे हैं। आश्रम में आते ही जिस तरह मेरी समस्या का संज्ञान लिया गया, उससे मुझे और मेरे बेटे को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद जाग गई है।
