Amol Mitkari On Aghori Rituals Ajit Pawar House (फोटो क्रेडिट-X)
Amol Mitkari On Aghori Rituals: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘अघोरी प्रथाओं’ और ‘तंत्र-मंत्र’ को लेकर सनसनीखेज दावों ने हड़कंप मचा दिया है। एक तरफ अशोक खरात के महिलाओं साथ यौन उत्पीड़न और तंत्र-मंत्र ने महाराष्ट्र की राजनीति खलबली मचा रखी है। दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायक और कद्दावर नेता अमोल मिटकरी ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। मिटकरी ने सीधे तौर पर आशंका जताई है कि अजित पवार के घर और कार्यालय के पास कुछ ‘अघोरी रस्में’ निभाई गई थीं, जिनका संबंध इस हादसे से हो सकता है।
अमोल मिटकरी के इन दावों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।
Mumbai, Maharashtra: NCP leader and MLA Amol Mitkari raised questions regarding the plane crash that claimed the life of Ajit Pawar. He said, “In November as well, similar ‘Aghori rituals’ were performed near Ajit Dada’s residence and office. An investigation should be conducted… pic.twitter.com/s7H25j6W61 — IANS (@ians_india) March 23, 2026
विधायक अमोल मिटकरी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पिछले साल नवंबर के महीने में भी अजित पवार के आवास और कार्यालय के पास कुछ संदिग्ध ‘अघोरी रस्में’ (Aghori Rituals) की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विमान हादसे के समय और स्थान को देखते हुए यह महज इत्तेफाक नहीं लगता। मिटकरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी अज्ञात शक्ति या साजिश के तहत अजित पवार को नुकसान पहुँचाने के लिए इस तरह के तांत्रिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
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मिटकरी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या इन अघोरी प्रथाओं और विमान के साथ हुई तकनीकी खराबी या दुर्घटना के बीच कोई संबंध है? इसकी जांच होनी चाहिए कि दादा के घर के पास ये अनुष्ठान कौन कर रहा था और इसके पीछे किसका हाथ है।” उनके अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को इन तांत्रिक गतिविधियों को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा का मामला है।
अमोल मिटकरी के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तंज कसना शुरू कर दिया है। जहाँ एक ओर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) जैसे संगठन इस तरह के दावों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गलत बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के भीतर इस खुलासे ने चिंता पैदा कर दी है। अजित पवार के समर्थक इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि 21वीं सदी में भी राजनेता विकास के बजाय तंत्र-मंत्र जैसे विषयों को हवा दे रहे हैं।