Amit Thackeray VS Nitesh Rane (सोर्सः सोशल मीडिया)
Hindutva Politics In Maharashtra: बीजेपी में हिंदुत्व के नए चेहरे के रूप में उभरने का प्रयास कर रहे मंत्री नितेश राणे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता अमित ठाकरे ने जोरदार पलटवार किया। मनसे प्रमुख राज ठाकरे और भाजपा नेता मोहित कंबोज की मुलाकात की कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने आलोचना की थी। सोलापूर दौरे पर पहुंचे अमित ठाकरे ने राणे का नाम लिए बिना उन पर तीखा प्रहार किया और उनके राजनीतिक सफर व हिंदुत्व की परिभाषा पर सवाल खड़े किए।
अमित ठाकरे ने स्पष्ट किया कि राज ठाकरे और मोहित कंबोज के बीच पुराने और गहरे दोस्ताना संबंध हैं। उन्होंने कहा कि कंबोज अक्सर राज ठाकरे से मिलने आते रहते हैं। अमित ने इस बात पर हैरानी जताई कि आजकल लोग दोस्ती और राजनीति को एक साथ क्यों मिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी की विचारधारा या भूमिका का विरोध कर सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों और मित्रता का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, पहले की राजनीति में यह शिष्टाचार था, जो अब धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है।
नितेश राणे की आलोचना का उत्तर देते हुए अमित ने उनके सियासी इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग इस मुलाकात पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें खुद गिरेबान में झांकना चाहिए कि उन्होंने कितनी बार पार्टियां बदली हैं।
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ये लोग पहले शिवसेना में थे, फिर कांग्रेस में गए, उसके बाद अपनी पार्टी बनाई और अब भाजपा में हैं। ऐसे लोगों को पहले यह तय कर लेना चाहिए कि आखिर उनका असली ‘बॉस’ कौन है।” उन्होंने आगे कहा कि सत्ता बदलते ही इनके बॉस भी बदल जाते हैं, जो केवल अवसरवादिता को दर्शाता है।
हिंदुत्व के मुद्दे पर बोलते हुए अमित ने नितेश के पहनावे और दिखावे पर कटाक्ष किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल भगवा कुर्ता पहन लेने से कोई हिंदू नहीं हो जाता। उनके अनुसार, हिंदुत्व एक भावना है जो इंसान के दिमाग और दिल में होनी चाहिए, न कि केवल बाहरी दिखावे में। अमित ठाकरे ने यह बयान सोलापुर में मनसे विद्यार्थी सेना के दिवंगत नेता बालासाहेब सरवदे के परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।