इतनी पार्टी बदली, पहले खुद तय करें कि उनका बॉस कौन है? नितेश राणे के बयान पर अमित ठाकरे का पलटवार
Amit Thackeray Nitesh Rane Controversy: अमित ठाकरे ने नितेश राणे पर पलटवार करते हुए उनके पार्टी बदलने के इतिहास पर तंज कसा। कहा- सत्ता बदलने के साथ अपना बॉस बदलने वाले हमें न सिखाएं।
- Written By: अनिल सिंह
Amit Thackeray Nitesh Rane Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
Raj Thackeray Mohit Kamboj Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘बयानों के बाण’ अब अगली पीढ़ी तक पहुँच गए हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे और बीजेपी नेता मोहित कंबोज की मुलाकात पर टिप्पणी करने वाले कैबिनेट मंत्री नितेश राणे को राज ठाकरे के बेटे और मनसे नेता अमित ठाकरे ने करारा जवाब दिया है। सोलापुर दौरे पर आए अमित ठाकरे ने राणे परिवार के राजनीतिक इतिहास पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें पहले खुद यह तय कर लेना चाहिए कि उनका ‘असली बॉस’ कौन है।
अमित ठाकरे का यह तीखा पलटवार सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।
“पार्टी बदलने वाले पहले अपना बॉस तय करें”
अमित ठाकरे ने नितेश राणे का नाम लिए बिना उन पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो लोग राज साहब और मोहित कंबोज की दोस्ती पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कितनी पार्टियां बदलीं? पहले शिवसेना में थे, फिर कांग्रेस में गए, फिर खुद की पार्टी बनाई और अब बीजेपी में हैं।” अमित ने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के ‘बॉस’ सत्ता के साथ बदलते रहते हैं। जैसे ही किसी दूसरे की सत्ता आती है, ये लोग उधर जाकर उन्हें अपना बॉस कहने लगते हैं।
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मैत्री और राजनीति को अलग रखने की सलाह
मोहित कंबोज और राज ठाकरे की मुलाकात का बचाव करते हुए अमित ठाकरे ने कहा कि राजनीति और दोस्ती दो अलग चीजें हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मोहित कंबोज और राज साहब के संबंध बहुत पुराने हैं और वे अक्सर मिलते रहते हैं। अमित ने अफसोस जताते हुए कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि हमने राजनीति और व्यक्तिगत मित्रता को अलग-अलग रखना क्यों बंद कर दिया है। हम किसी की भूमिका या विचारों का विरोध करते हैं, इंसान का नहीं।” उन्होंने राणे को सलाह दी कि वे दूसरों के निजी संबंधों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिरता पर ध्यान दें।
“केवल भगवा कुर्ता पहनने से कोई हिंदू नहीं होता”
हिंदुत्व के मुद्दे पर भी अमित ठाकरे ने नितेश राणे को आड़े हाथों लिया। नितेश राणे अक्सर कट्टर हिंदुत्व के बयानों के लिए जाने जाते हैं, जिस पर टिप्पणी करते हुए अमित ने कहा, “सिर्फ भगवा कुर्ता पहन लेने से कोई हिंदू नहीं बन जाता। हिंदुत्व हमारे दिमाग और दिल में होना चाहिए, कपड़ों में नहीं।” अमित ठाकरे सोलापुर में मनसे विद्यार्थी सेना के दिवंगत नेता बाळासाहेब सरवदे के परिवार से मिलने पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ये कड़े बयान दिए।
