राज ठाकरे के सीएम को लिखे लेटर पर भड़के अमित साटम, बोले- कुछ लोग सिर्फ घर पर बैठ कर पोस्ट करते हैं
Amit Satam Reply Raj Thackeray Open Letter: राज ठाकरे के खुले पत्र पर बीजेपी विधायक अमित साटम का तीखा पलटवार। कहा- घर बैठे पोस्ट लिखने वाले क्या जानें जमीनी हकीकत।
- Written By: अनिल सिंह
राज ठाकरे के आरोपों पर विधायक अमित साटम का करारा जवाब (फोटो क्रेडिट-X)
Ameet Satam On Raj Thackeray Letter: मुंबई में भारी बारिश और जलभराव के बीच शुरू हुआ राजनीतिक घमासान अब और तेज हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे गए तीखे ओपन लेटर के बाद, विवादों के केंद्र में आए मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने इस पर बेहद आक्रामक पलटवार किया है।
अमित साटम ने विपक्ष की आलोचनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे सहित ठाकरे परिवार के अन्य नेताओं पर घर बैठे राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है।
विरोधक माझ्या वक्तव्याचा विपर्यास करून लक्ष भरकटवत आहेत. आम्ही घरात बसून पोस्ट लिहीत नाही, तर रस्त्यावर उतरून काम करतोय. विधानसभेत आवाज उठवून आम्ही २ दिवसांत ७ मनपा अधिकाऱ्यांचे निलंबन करून दाखवले! पावसात कधी उद्धव, आदित्य किंवा राज ठाकरेंना मुंबईकरांनी रस्त्यावर पाहिले आहे का?… pic.twitter.com/cRSsKB0CzF — Ameet Satam (@AmeetSatam) July 4, 2026
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25 सालों में कभी बारिश में सड़कों पर उतरे
मुंबई में राहत कार्यों की समीक्षा के लिए जमीनी स्तर पर उतरे अमित साटम ने मीडिया से बात करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों की आदत सिर्फ घर पर आराम से बैठकर सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने और बड़े-बड़े बयान देने की हो गई है।
मैं मुंबई की जनता से पूछना चाहता हूँ कि क्या पिछले 25 सालों में उन्होंने कभी उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे या आदित्य ठाकरे को भारी बारिश के समय मुंबई की सड़कों पर उतरकर लोगों की मदद करते देखा है?” साटम ने दावा किया कि बीजेपी के जनप्रतिनिधि और मुंबई के मेयर लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों में घूमकर नागरिकों की सेवा कर रहे हैं।
वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया
सड़कों पर हुए हादसों और मौतों को लेकर वायरल हुए वीडियो और अपनी कथित मुस्कुराहट पर सफाई देते हुए साटम ने कहा कि उनकी बातों और घटना के संदर्भ को पूरी तरह तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। अमित साटम ने कहा, “मुझे बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं, जिन्हें जो करना है करने दीजिए। सच यह है कि मुंबई नगर निगम की स्थायी समिति में गठबंधन के दौरान इन पार्टियों ने हमसे मलाईदार समझौतों के लिए संपर्क किया था, जिसे हमने साफ मना कर दिया। पिछले 25 सालों से जो आर्थिक लाभ इन्हें मिल रहे थे, वे अब बंद हो चुके हैं। इसी असंतोष और बौखलाहट के कारण मुझे निशाना बनाया जा रहा है।”
फडणवीस की चुप्पी पर उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि इससे पहले राज ठाकरे ने अपने लंबे पोस्ट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को घेरते हुए कहा था कि बीजेपी के नेताओं में ‘निरंकुश सत्ता’ का अहंकार आ गया है। उन्होंने साटम के वीडियो का हवाला देते हुए लिखा था कि बीजेपी के पदाधिकारी नागरिकों की मौत पर खुलकर हंस रहे हैं और मुख्यमंत्री की चुप्पी ऐसे असंवेदनशील नेताओं को और ‘बेशर्म’ बना रही है। ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र की सुसंस्कृत राजनीति को उत्तर के कुछ पिछड़े राज्यों जैसा बनाया जा रहा है। हालांकि, साटम ने साफ किया है कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी मुंबई को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है और वे ऐसी आलोचनाओं से पीछे नहीं हटेंगे।
