‘35 डेज’ में दर्ज वो शाम, जब अजित पवार का बदला मूड बना राजनीतिक संकेत
Ajit Pawar Death News: 22 नवंबर 2019 की शाम नेहरू सेंटर में हुई एक अहम बैठक में अजित पवार के फोन पर आए एक संदेश ने महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे दी, जिसका असर अगली सुबह साफ नजर आया।
- Written By: अपूर्वा नायक
उपमुख्यमंत्री अजित पवार (सौ. सोशल मीडिया )
Ajit Pawar Plane Crash News: 22 नवंबर 2019 की शाम मुंबई के नेहरू सेंटर में राजनीतिक हलचल तेज थी। कांग्रेस, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता एक-एक कर बैठक स्थल पर पहुंच रहे थे।
बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन टूटने के बाद महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर पिछले चार हफ्तों से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे समय में यह बैठक सत्ता समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही थी।
‘35 डेज’ में दर्ज बैठक का विवरण
वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र दीक्षित ने अपनी किताब ‘35 डेज’ में इस बैठक का विस्तार से उल्लेख किया है। उनके अनुसार, बैठक के दौरान सेंटर टेबल पर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार मौजूद थे, जबकि उनके ठीक बगल में उनके भतीजे अजित पवार बैठे हुए थे। अजित पवार के हाथ में एक फाइल थी, लेकिन उनके चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज यह संकेत दे रहे थे कि वे चर्चा में खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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मोबाइल मैसेज और बदला व्यवहार
बैठक के दौरान अचानक अजित पवार के मोबाइल फोन पर एक संदेश आया। इसके बाद उन्होंने वॉशरूम जाने का बहाना बनाकर बैठक कक्ष से बाहर निकलने की अनुमति ली। बताया जाता है कि वे करीब दस मिनट तक फोन पर किसी से बातचीत करते रहे। जब वे वापस लौटे, तो उनका व्यवहार और चेहरे के भाव पहले से बिल्कुल अलग नजर आ रहे थे।
अगली सुबह का अनजाना तूफान
उस समय बैठक में मौजूद किसी भी नेता को यह अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा घटनाक्रम होगा, जो सभी को चौंका देगा। वह शाम सत्ता के समीकरणों के लिहाज से एक निर्णायक मोड़ साबित होने वाली थी, लेकिन उस पल तक इसका आभास किसी को नहीं था।
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राजनीतिक इतिहास में दर्ज एक निर्णायक क्षण
बाद में सामने आए घटनाक्रमों ने साबित किया कि नेहरू सेंटर की वह बैठक और उसमें घटा यह छोटा-सा वाकया महाराष्ट्र की राजनीतिक दिशा बदलने वाला क्षण था, जिसे आज भी सत्ता की राजनीति के एक अहम अध्याय के रूप में देखा जाता है।
