
पिंकी माली की अंतिम यात्रा में शामिल परिजन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pinky Mali Last Rites In Mumbai: महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली 29 वर्षीय एयर होस्टेस पिंकी माली का गुरुवार को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।
पिंकी माली के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस के जरिए बारामती से पहले ठाणे के खारिगांव ले जाया गया, जहां वह पिछले चार महीनों से अपने पति के साथ रह रही थीं। इसके बाद, उनके शव को दक्षिण मुंबई के प्रभादेवी स्थित उनके पैतृक घर लाया गया। जैसे ही पिंकी का पार्थिव शरीर उनके बचपन की गलियों में पहुंचा, वहां मौजूद पड़ोसियों और दोस्तों का सब्र टूट गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
#WATCH | Maharashtra: Last rites of Pinki Mali performed in Mumbai. She was a member of the crew on the ill-fated charter plane, brought to her residence in Mumbai. All five people onboard, including Deputy CM Ajit Pawar, died in the accident. pic.twitter.com/fzpRFZan39 — ANI (@ANI) January 29, 2026
पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने भरे मन से बताया कि उनकी बेटी न केवल अपने काम में माहिर थी, बल्कि उसके सपने भी बहुत ऊंचे थे। वह अपने बड़े भाई को पायलट बनाना चाहती थी और इसके लिए वह लगातार प्रयास कर रही थी। पिंकी पिछले पांच वर्षों से विमानन क्षेत्र में सक्रिय थीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एअर इंडिया से की थी और बाद में वह निजी चार्टर्ड विमान सेवाओं से जुड़ गईं।
पिंकी का पेशेवर रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली था। उनके पिता के अनुसार, वह राष्ट्रपति, कई मुख्यमंत्रियों और दिग्गज राजनेताओं के साथ उड़ान भर चुकी थीं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ यह उनकी चौथी हवाई यात्रा थी, जो दुर्भाग्यवश अंतिम साबित हुई। बता दें कि इस भीषण दुर्घटना में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई है।
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पिंकी की शादी तीन साल पहले हुई थी। उनके पति एक प्रतिष्ठित भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में प्रबंधकीय पद पर कार्यरत हैं। महज 29 साल की उम्र में पिंकी का जाना उनके परिवार के लिए एक ऐसा घाव है जो शायद कभी नहीं भरेगा। शिवाजी पार्क में जब उन्हें मुखाग्नि दी गई, तो वहां मौजूद हर दिल पिंकी की बहादुरी और उनके अधूरे सपनों को याद कर रो पड़ा।






