आदित्य ठाकरे और मिलिंद देवड़ा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Aaditya Thackeray vs Milind Deora: मुंबई की ऐतिहासिक पहचान, महालक्ष्मी रेसकोर्स को लेकर एक नया राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। इस परियोजना को अब ‘महालक्ष्मी सेंट्रल पार्क’ के नाम से जाना जा रहा है। इस पर शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता मिलिंद देवड़ा के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध करते हुए इसे “निजी लाभ” के लिए किया जा रहा प्रयास बताया है, जबकि मिलिंद देवड़ा ने इसे मुंबई के लिए एक ऐतिहासिक हरित उपहार करार दिया है।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि महालक्ष्मी रेसकोर्स के मौजूदा खुले मैदान को कंक्रीट में बदलकर उसका निजी लाभ के लिए व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। ठाकरे का तर्क है कि मुंबई के गिने-चुने प्राकृतिक खुले स्थानों को उनके मूल स्वरूप में ही रहने देना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने कोलाबा के बैक गार्डन में प्रस्तावित ‘एस्ट्रो टर्फिंग’ (कृत्रिम घास) का भी कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले खेल के मैदान प्राकृतिक मिट्टी के ही रहने चाहिए और उन्हें “कंक्रीट या कृत्रिम घास” से नहीं बनाया जाना चाहिए।
🚨 Racecourse, Worli 🚨
I am glad that some of our city’s finest, most passionate and pro- mumbai architects have also spoken up against the proposed concretisation of the Mahalaxmi Racecourse by Fakenath Mindhe. The racecourse is already open to all, thousands of Mumbaikars… — Aaditya Thackeray (@AUThackeray) February 20, 2026
आदित्य ठाकरे के आरोपों का जवाब देते हुए राज्यसभा सदस्य मिलिंद देवड़ा ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का उद्देश्य पार्क की मौजूदा 125 एकड़ भूमि और तटीय सड़क (Coastal Road) की 175 एकड़ भूमि को मिलाकर भारत का सबसे बड़ा शहरी हरित क्षेत्र बनाना है। उन्होंने कहा कि इससे शहर को कुल 300 एकड़ का हरित क्षेत्र मिलेगा, जो पूरी तरह से हरा-भरा रहेगा और इसमें वनस्पति उद्यान (Botanical Garden) भी शामिल होगा।
Mumbai suffered for 25 years because Aaditya Thackeray’s UBT didn’t have the political will or intention to transform the city. Now, all they can do is ‘speed-breaker’ politics and fearmongering. My statement on Mumbai’s Central Park at #MahalaxmiRacecourse. https://t.co/cUcL1ftQUN pic.twitter.com/fUaQRQZ4qu — Milind Deora | मिलिंद देवरा (@milinddeora) February 20, 2026
शिंदे गुट के नेता मिलिंद देवड़ा ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए बताया कि पार्क के नीचे 10 लाख वर्ग फुट का भूमिगत खेल परिसर बनाने की परिकल्पना की गई है। उनका दावा है कि यह भूमिगत परिसर ऊपर की हरियाली को संरक्षित करते हुए शहर के युवाओं के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) और बाढ़ नियंत्रण के प्रावधानों के साथ विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाएगी।
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राजनीतिक हमला तेज करते हुए मिलिंद देवड़ा ने ठाकरे पर निशाना साधा और कहा कि ठाकरे जैसे नेताओं को निजी मनोरंजन के लिए बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक जैसी जगहों तक पहुंचने का विशेषाधिकार प्राप्त है, लेकिन मुंबई के लाखों आम लोगों के पास अपने आसपास विशाल खुले क्षेत्र नहीं हैं। गौरतलब है कि इस परियोजना को 2024 में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। अब यह देखना होगा कि यह विवाद मुंबई के विकास की दिशा को किस ओर ले जाता है।