मुंबई का पहला डबल-डेकर एलफिंस्टन ब्रिज जल्द होगा तैयार, जानें कब से दौड़ेगी आपकी गाड़ी?
Mumbai Elphinstone Bridge: मुंबई में एमएमआरडीए और एमआरइडीसी ने एलफिंस्टन ब्रिज के काम में तेजी ला दी है। अप्रैल तक निचला डेक और सितंबर तक पूरा डबल-डेकर ब्रिज तैयार होने की उम्मीद है।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई का डबल-डेकर एलफिंस्टन ब्रिज (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Double Decker Elphinstone Bridge: आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MRIDC) को निर्देश दिया है कि एलफिंस्टन रोड (प्रभादेवी) पर बन रहे बहुप्रतीक्षित ‘डबल-डेकर’ ब्रिज के काम में तेजी लाई जाए। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मध्य और पश्चिम मुंबई के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
कब शुरू होगा लोअर डेक?
ताजा जानकारी के अनुसार, इस डबल-डेकर ब्रिज का निचला डेक (Lower Deck) अप्रैल 2024 के अंत तक यातायात के लिए खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पूरे ब्रिज यानी ऊपरी डेक (Upper Deck) समेत प्रोजेक्ट को सितंबर 2024 तक पूरा करने की योजना है। एमएमआरडीए के कमिश्नर संजय मुखर्जी ने हाल ही में साइट का दौरा कर काम की समीक्षा की और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून से पहले मुख्य ढांचागत काम पूरा कर लिया जाए।
क्यों खास है यह ब्रिज?
यह केवल एक सामान्य ओवरब्रिज नहीं है, बल्कि एक आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना है। यह ब्रिज प्रभादेवी और परेल जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ता है, जहां पीक आवर्स के दौरान घंटों जाम लगा रहता है।
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टू-टियर स्ट्रक्चर: नीचे की सड़क स्थानीय यातायात के लिए होगी, जबकि ऊपरी डेक लंबी दूरी और सिग्नल फ्री आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
रेलवे ट्रैक के ऊपर निर्माण: इसका एक बड़ा हिस्सा व्यस्त रेलवे लाइनों के ऊपर से गुजरता है, जिससे इसका निर्माण चुनौतीपूर्ण रहा है।
ट्रैफिक का समाधान: इस ब्रिज के चालू होने से दादर, लोअर परेल और वर्ली जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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क्यों हो रही देरी?
बता दें कि इस प्रोजेक्ट में कई तकनीकी बाधाएं और फंड से जुड़े मुद्दों के कारण देरी हुई थी। हालांकि, अब एमएमआरडीए ने एमआरइडीसी को फंड की निरंतरता और संसाधनों की उपलब्धता का आश्वासन दिया है। स्थानीय निवासियों और कार्यालय जाने वाले लोगों के लिए यह ब्रिज एक वरदान साबित होगा क्योंकि फिलहाल उन्हें पुराने और संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
मुंबई शहर का यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि ‘ईज ऑफ ट्रैवल’ के सपने को भी साकार करेगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो इस साल के अंत तक मुंबईकरों को ट्रैफिक के एक बड़े सिरदर्द से मुक्ति मिल जाएगी।
