महाराष्ट्र बजट सत्र 2026: अजित पवार के निधन और 9 लाख करोड़ के कर्ज पर गरमाएगा सदन, जानें क्या होगा खास

Maharashtra Budget Session 2026: महाराष्ट्र का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है। बढ़ते कर्ज, अजित पवार के निधन की जांच और आगामी राज्यसभा चुनावों के बीच सीएम फडणवीस 6 मार्च को बजट पेश करेंगे।
Maharashtra Budget Session 2026: अजित पवार के निधन और 9 लाख करोड़ के कर्ज पर गरमाएगा सदन, जानें क्या होगा खास
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Budget Session Starting 23 February 2026: महाराष्ट्र विधानमंडल का आगामी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। एक महीने तक चलने वाला यह सत्र इस बार राजनीतिक रूप से काफी गर्माया हुआ रहने के आसार हैं। राज्य पर बढ़ते कर्ज का बोझ, आगामी राज्यसभा चुनाव और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद की परिस्थितियां इस सत्र की कार्यवाही के केंद्र में रहेंगी।

अजित पवार को दी जाएगी श्रद्धांजलि

सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल के दोनों सदनों के संयुक्त संबोधन से होगी। इसके तुरंत बाद, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सम्मान में एक शोक प्रस्ताव पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के विधायक रोहित पवार ने इस दुर्घटना की पारदर्शी जांच की मांग की है, जबकि कुछ अन्य विपक्षी नेता इस मामले में सीबीआई (CBI) जांच की मांग भी कर रहे हैं।

6 मार्च को पेश होगा बजट

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 6 मार्च को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करेंगे। अजित पवार के निधन के बाद सीएम के पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य को संभालना है, क्योंकि महाराष्ट्र का कुल कर्ज 9 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाने का अनुमान है। हालांकि सरकार ने महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया है, लेकिन उसे राजकोषीय घाटे और बढ़ते खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।

बड़ी परियोजनाओं और जन कल्याण पर रहेगा जोर

इस बजट में राज्य की कई महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भारी धन आवंटित किए जाने की उम्मीद है। इनमें पुणे-नासिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, मेट्रो रेल का विस्तार, पालघर में प्रस्तावित वाढवन बंदरगाह का विकास और मुंबई वाटर मेट्रो परियोजना प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही, सरकार अपनी लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं जैसे 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को जारी रख सकती है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं।

किसानों के लिए राहत पैकेज

विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए, सरकार जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा कर सकती है। दूसरी ओर, विपक्षी दल रोजगार सृजन और सरकार द्वारा चुनावों को ध्यान में रखकर किए जा रहे खर्चों पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं।

राज्यसभा चुनावों का समीकरण

सत्र के दौरान ही महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की सीटें शामिल हैं। 288 सदस्यीय विधानसभा में महायुति के पास 232 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 36 वोटों का कोटा निर्धारित है। ऐसे में विपक्ष के लिए एक से अधिक सीट जीतना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होगा। यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लगातार दूसरा ऐसा सत्र होगा जहां किसी भी सदन में कोई मान्यता प्राप्त नेता प्रतिपक्ष नहीं होगा।

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