Aaditya Thackeray Slams Rebel MP Omraje Nimbalkar 2026: शिवसेना UBT की 60वीं वर्षगांठ पर आदित्य ठाकरे का बागी सांसदों पर तीखा हमला- 'बेशर्मी से खुद को बेचा है।'
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Aaditya Thackeray Tweet on Omraje Nimbalkar: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की 60वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक मौके पर पार्टी में मची महा-बगावत को लेकर युवा सेना प्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे का गुस्सा फूट पड़ा है। धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर द्वारा उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की राजनीतिक सक्रियता पर सवाल उठाने और फंड की कमी का रोना रोने के बाद, आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखा और आक्रामक पोस्ट साझा कर बागियों को करारा जवाब दिया है।
हालांकि, आदित्य ठाकरे ने अपने इस पोस्ट में सीधे तौर पर ओमराजे निंबालकर का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर उन्हीं 6 बागी सांसदों की तरफ था जिन्होंने पाला बदला है। आदित्य ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि बगावत के लिए शिंदे गुट में शामिल होने वाले नेता चाहे जो भी बहाने या कारण बताएं, लेकिन महाराष्ट्र की जनता उनकी असलियत जानती है।
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आज आपला ६० वा वर्धापन दिन!पुन्हा एकदा आपण घाणेरड्या राजकारणाचे विदारक उदाहरण पाहत आहोत. एहसान फरामोश आणि विकाऊ अशा सडक्या वृत्तीचे हे काही ठराविक व्यक्ती २०२४ मध्ये ज्यांच्यामुळे जिंकून आले, त्यांनाच दगा देत आहेत!कितीही कारणे द्या…
सत्य एकच आहे. तुम्ही स्वतःला निर्लज्जपणे…
शिवसेना के स्थापना दिवस के दिन ही सामने आई इस महा-टूट पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आदित्य ठाकरे ने लिखा, “आज हमारी 60वीं वर्षगांठ है! और एक बार फिर हम गंदी राजनीति का एक चौंकाने वाला और घिनौना उदाहरण देख रहे हैं। एहसान फरामोश और बिकाऊ जैसे भ्रष्ट रवैये वाले ये कुछ लोग साल 2024 के जनादेश के साथ और उन लोगों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं जिन्होंने इन्हें चुनकर भेजा था! कारण चाहे जो भी बताया जाए… सच्चाई केवल एक ही है। आपने बेशर्मी से खुद को बेच दिया है। आपने न सिर्फ खुद को बेचा है, बल्कि अपनी प्रतिष्ठा, अपना नाम और अपने पूरे परिवार का नाम भी हमेशा के लिए दांव पर लगा दिया है।”
‘महाराष्ट्र इस गंदी राजनीति को अब बर्दाश्त नहीं करेगा
आदित्य ठाकरे ने महायुति (शिंदे-बीजेपी-अजित पवार) और बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए आगे लिखा कि राज्य की जनता इस तरह के दलबदल और गद्दारी को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र इस गंदी और स्वार्थी राजनीति को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा… कतई नहीं! गद्दारी के इस अंधकार में हमारी ‘मशाल’ ही एकमात्र प्रकाश होगी और जनता जल्द ही इन बिकाऊ नेताओं को सबक सिखाएगी।” आदित्य का यह बयान बताता है कि उद्धव गुट अब रक्षात्मक रुख छोड़ पूरी तरह से आक्रामक मोड में आ गया है।
बिकाऊ होने ठप्पा लगाकर आदित्य ने लगाई फटकार
इससे पहले, बागी सांसद ओमराजे निंबालकर ने एक इंटरव्यू में अपनी मजबूरी का हवाला देते हुए उद्धव ठाकरे की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। ओमराजे ने कहा था कि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस चौबीस घंटे काम करते हैं, जबकि ठाकरे नेतृत्व निष्क्रिय है। उन्होंने भावुक होते हुए यह भी माना, “मैं इस समय एक बड़े धर्मसंकट से गुजर रहा हूँ। भावनात्मक रूप से, अगर हम पार्टी छोड़ने के बारे में सोचें तो यह निर्णय पूरी तरह गलत लगता है। हालांकि, राजनीतिक रूप से यह सही है। अगर हम सांसद होकर भी स्थानीय निकाय चुनावों में अपने लोगों को फंड की कमी और सत्ता के अभाव के कारण नहीं जिता पाते हैं, तो हमारा राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो जाएगा। हम कब तक खाली हाथ घूमते रहेंगे?” निंबालकर के इसी ‘फंड और अस्तित्व’ वाले बयान पर अब आदित्य ठाकरे ने ‘बिकाऊ’ होने का ठप्पा लगाकर आर-पार की जंग छेड़ दी है।