Mumbai में बीएमसी-रेलवे आमने-सामने, 500 करोड़ रुपये का जल बिल विवाद
Mumbai में बीएमसी और रेलवे के बीच 500 करोड़ रुपये के पानी बिल को लेकर तनातनी बढ़ गई है। बीएमसी बकाया वसूली को लेकर नोटिस भेज रही है, जबकि रेलवे ने राइट चार्ज का हवाला देकर जवाब दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी Vs पश्चिम रेलवे (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: बीएमसी देश की सबसे अमीर महानगर पालिकाओं में से एक है, पिछले कुछ वर्षों में बीएमसी की फिक्स्ड डिपॉजिट राशि लगातार घट रही है। ऐसे में राजस्व बढ़ाने के लिए बीएमसी संपत्ति की नीलामी सहित अन्य तरह-तरह के उपाय ढूंढ रही है ताकि इनकम को बढ़ाया जा सके।
अगर आम आदमी अपना पानी व बिजली बिल समय से भरने में असमर्थ हो तो तुरंत उसका बिजली व पानी कनेक्शन काट दिए जाते है। वहीं बीएमसी सरकारी संस्थाओं से अपना बिल वसूलने में बेबस नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे ने पानी का बिल जी 500 करोड़ रुपये से अधिक है उसका भुगतान बीएमसी को नहीं किया है।
66 रेलवे एक सरकारी संस्था होने के नाते हम लाइट वा पानी काट नहीं सकते है। बीएमसी सिर्फ नोटिस भेज सकती है। औपचारिक संवाद कर के जल्द ही इस विवाद का हल निकाला जाएगा।
– विश्वास शंकरवार, सहायक आयुक्त बीएमसी
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पश्चिम रेलवे का 328 करोड़ बकाया
बीएमसी से प्राप्त हुए आंकड़े बताते हैं कि, 9 सितंबर 2025 तक पश्चिम रेलवे का पानी का बिल 328।07 करोड़ बकाया है, जो उसे बीएमसी को भुगतान करना है। बीएमसी के जल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि, पश्चिम रेलवे को बीएमसी द्वारा कुल 201 पानी के कनेक्शन मुहैया कराए गए है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से अब तक पश्चिम रेलवे ने बिल का भुगतान नहीं किया है।
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वहीं पश्चिम रेलवे के एक बरिष्ठ अधिकारी ने तर्क दिया कि, बीएमसी की कई पाइप लाइन पश्चिम रेलवे की जमीन से होकर गुजरती है, क्योंकि जमीन रेलवे की है, इसलिए बीएमसी को एक तरह का टैक्स भरना होता है, जिसे राइट जाता है। यह कुल राशि 338 करोड़ की है जो बीएमसी पश्चिम रेलवे को भुगतान करेगी, क्योंकि बीएमसी व पश्चिम रेलवे दोनों को अपना बिल चुकाना है, इसलिए एक बैठक की आवश्यकता है।
