BMC भर्ती और प्रमोशन में घोटाला, सुनील प्रभु ने एसआईटी जांच की मांग की

BMC में भर्ती और प्रमोशन घोटाला उजागर हुआ है। सुनील प्रभु ने CM Devendra Fadnavis से एसआईटी जांच की मांग की हैं। पात्र इंजीनियर प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं।
बीएमसी (pic credit; social media)
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Mumbai News: शिवसेना (यूबीटी) के विधायक सुनील प्रभु ने बीएमसी में भर्ती और प्रमोशन में भारी घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की एसआईटी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

सुनील प्रभु ने सीएम फडणवीस को लिखा है कि बीएमसी एशिया की सबसे बड़ी मनपा है। पिछले 3 वर्षों से बीएमसी का चुनाव नहीं हुआ है और प्रशासक के अधीन है। मनपा के कामकाज में काफी गड़बड़ी हो रही है। मनपा में तबादलों और पदोन्नति के लिए लाखों रुपए की बोली लगाई जा रही है।

हम बीएमसी में तबादलों और पदोन्नति में बड़े पैमाने पर हो रही अनियमितताओं को लेकर बार-बार आवाज उठाते रहे हैं। पात्र इंजीनियर पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन पदोन्नति और भर्ती प्रक्रियाओं को लागू नहीं किया जा रहा है। इंजीनियरों से अतिरिक्त कार्य कराया जा रहा है।

इससे मनपा के विकास कार्यों की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है। अधिकारियों पर तनाव बढ़ने से उनके शारीरिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले की एसआईटी जांच होनी चाहिए।

कुल 679 पद रिक्त

सुनील प्रभु के अनुसार 5 मुख्य अभियंता, 24 उप मुख्य अभियंता, 150 कार्यकारी अभियंता, 200 सहायक अभियंता और 300 माध्यमिक अभियंता के पद रिक्त हैं। विधानसभा में यह मुद्दा उठाने के एक साल बाद बीएमसी में ग्रुप ए परीक्षा में पेपर लीक जैसी अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं। परीक्षा प्रक्रिया फिर से आयोजित करनी पड़ रही है और स्थानांतरण स्थगित करने की शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। सीएम फडणवीस ने मनपा में किए गए 122 इंजीनियरों के तबादलों को तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है।

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