आजाद मैदान में कचरे का अंबार, आंदोलन के दौरान 125 टन से अधिक कचरा इकट्ठा, सफाई में जुटा बीएमसी
Azad Maidan: बीएमसी ने 5 दिनों तक चले मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान और उसके आसपास के इलाकों से 125 मीट्रिक टन से अधिक कचरा इकट्ठा किया गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
आजाद मैदान में कचरे का अंबार (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mumbai News: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को बताया कि पांच दिनों तक चले मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान और उसके आसपास के इलाकों से 125 मीट्रिक टन से अधिक कचरा इकट्ठा किया गया। आजाद मैदान कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा शुरू किए गए मराठा आरक्षण आंदोलन का केंद्र था। उन्होंने 29 अगस्त को अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया और महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनकी अधिकतर मांगें मान लेने के बाद मंगलवार अपराह्न आंदोलन वापस ले लिया।
उनके इस प्रदर्शन में राज्य भर से मराठा समुदाय के हजारों सदस्य शामिल हुए। पास का छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और बीएमसी मुख्यालय भवन के आसपास का इलाका इन प्रदर्शनकारियों का डेरा बन गया था, जिनमें से कई फुटपाथों और सड़कों पर खाना बनाते, खाते, सोते और यहाँ तक कि नहाते भी देखे गए। इन सबके कारण धरना स्थल और आसपास के इलाकों में भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया। इलाके में खाने-पीने की चीजें, पानी की बोतलें, रैपर, पेपर प्लेट और कप सहित कचरे के ढेर देखे गए।
सात मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘29 अगस्त को आंदोलन के पहले दिन मैदान से चार मीट्रिक टन ठोस कचरा एकत्र किया गया, उसके अगले दिन सात मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा किया गया।” उन्होंने बताया कि 31 अगस्त और एक सितंबर को 30-30 टन कचरा एकत्र किया गया और दो सितंबर को 57 टन कचरा एकत्र किया गया, जो प्रदर्शन के दौरान सबसे अधिक था। बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने एक सितंबर को आजाद मैदान के अंदर और बाहर स्वच्छता को लेकर मराठा आरक्षण कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की।
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438 मजदूरों, 16 मुख्य पर्यवेक्षकों, 11 पर्यवेक्षक जुटे काम में
अधिकारी ने बताया कि धरना स्थल और आसपास के इलाकों को साफ-सुथरा रखने के लिए 438 मजदूरों, 16 मुख्य पर्यवेक्षकों, 11 पर्यवेक्षकों और एक सहायक मुख्य पर्यवेक्षक सहित बीएमसी के कुल 466 कर्मचारियों को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सफाई अभियान के दौरान तीन बड़े और दो छोटे ‘कॉम्पैक्टर’, 13 सीवर सफाई वाहन (एससीवी), एक कूड़ा उठाने वाला वाहन और सक्शन व जेटिंग उपकरण वाहनों सहित चार मशीनें तैनात की गईं।
अधिकारी के अनुसार बीएमसी ने आजाद मैदान सहित तीन स्थानों पर 350 से अधिक मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराए थे। अधिकारी ने बताया कि आजाद मैदान, महापालिका मार्ग, एमजी रोड, डीएन रोड और उच्च न्यायालय के पास 61 स्थायी शौचालय भी चालू कर दिए गए जहां एक समर्पित सफाई दल 24 घंटे तैनात रहता है।अधिकारी ने कहा, ‘‘निरंतर सफाई के लिए मजदूरों की समर्पित टीम तैनात की गई थीं।”
26 पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था
उन्होंने बताया कि बीएमसी ने प्रदर्शन स्थल सहित दक्षिण मुंबई में विभिन्न स्थानों पर पीने के पानी के लिए 26 पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था की। बीएमसी ने ‘ए’ प्रशासनिक वार्ड को सफाई के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री उपलब्ध कराई, जिसमें 500 किलोग्राम प्लास्टिक बैग, 1,500 लिफ्टर, 400 झाड़ू और ब्रश, 1000 दस्ताने, 500 रिफ्लेक्टिव जैकेट और मजदूरों के लिए 177 रेन सूट शामिल थे। अधिकारी ने बताया कि वार्ड को लगभग 100 किलोग्राम कीटाणुनाशक पाउडर और 1,000 किलोग्राम से अधिक ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया गया।
रात भर सड़कों और आजाद मैदान की सफाई
जरांगे द्वारा अपना अनशन वापस लेने और जीत की घोषणा करने के बाद शाम को उनके समर्थक इलाके से छंट गए। मंगलवार को कुछ कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र भर से समुदाय के सदस्यों द्वारा भेजे गए बचे हुए खाने को स्थानीय निवासियों और इलाके से गुजरने वाले अन्य लोगों में बांटने की कोशिश की। इसके बावजूद, देर रात तक प्रदर्शन स्थल के अंदर और बाहर कुछ जगहों पर काफी मात्रा में भोजन सामग्री पड़ी रही। बीएमसी की टीम ने रात भर सड़कों और आजाद मैदान की सफाई की। मराठा समुदाय के एक कार्यकर्ता ने मंगलवार को कहा कि वे प्रदर्शन स्थल की सफाई कर देते, लेकिन मुंबई के बाहर से आए प्रदर्शनकारी पहले ही जा चुके थे और गणपति विसर्जन के कारण स्थानीय लोग चले गए थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
