मुंबई पुलिस (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Police Reaction On Child Kidnapping: मुंबई में 36 घंटों के भीतर 12 नाबालिग बच्चों के लापता होने की खबरों के बाद शहर में फैली चिंता के बीच मुंबई पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अपहरण या सामूहिक रूप से लापता होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक और अफवाह हैं।
मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर बताया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट जानबूझकर या लापरवाही से लापता और अपहृत बच्चों को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसी पोस्ट से आम नागरिकों में डर और भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
Certain social media handles are misrepresenting data and indulging in rumour-mongering regarding cases of missing and kidnapped children. We categorically deny these claims. Action, including the registration of FIRs against those deliberately spreading false information and… — मुंबई पोलीस Mumbai Police (@MumbaiPolice) February 2, 2026
मुंबई पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि अपहृत बच्चों से जुड़ी अफवाहें फैलाना गंभीर अपराध है। बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस तरह की जानकारी साझा करना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संवेदनशील जानकारी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें और केवल मुंबई पुलिस या अन्य अधिकृत सरकारी स्रोतों से जारी सूचना पर ही भरोसा करें। यदि किसी बच्चे के लापता होने की वास्तविक सूचना है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क किया जाए।
मुंबई पुलिस ने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अफवाहों से न सिर्फ जनता में डर फैलता है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी अनावश्यक दबाव पड़ता है।
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पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है और भ्रामक पोस्ट करने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।