मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 32 घंटे के जाम का ‘हर्जाना’, 1.2 लाख वाहनों को वापस मिलेगा टोल; FASTag में आएगा पैसा
Mumbai Pune Expressway Toll Refund: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर हादसे के बाद लगे 32 घंटे के महाजाम में फंसे 1.2 लाख वाहन चालकों को राहत की खबर। प्रशासन ने टोल रिफंड का बड़ा फैसला लिया है।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रेंकर पलटने से लगा था 32 घंटे का जाम (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Pune Expressway Traffic Jam News: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। हाल ही में एक गैस टैंकर के पलटने की वजह से लगे 32 घंटे के भीषण जाम में फंसे लगभग 1.2 लाख वाहन चालकों को वसूला गया टोल टैक्स वापस किया जाएगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने इस संबंध में पुष्टि की है कि यात्रियों के FASTag खातों में कुल 5.16 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाएगी।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 3 फरवरी को खपोली के पास आदोशी सुरंग के पास हुई थी। कोच्चि से सूरत जा रहा एक गैस टैंकर, जिसमें अत्यधिक ज्वलनशील ‘प्रोपलीन गैस’ भरी थी, ढलान पर अनियंत्रित होकर पलट गया। गैस रिसाव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन एक्सप्रेसवे को दोनों तरफ से बंद कर दिया था। इस कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 25 से 30 किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया, जो लगभग 32 घंटों तक जारी रहा।
जनता का गुस्सा और टोल वसूली पर सवाल
जाम के दौरान हजारों लोग, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, बिना भोजन, पानी और शौचालय की सुविधा के घंटों फंसे रहे। यात्रियों का गुस्सा तब फूट पड़ा जब यह पता चला कि इतने बड़े संकट के बावजूद टोल प्लाजा पर वसूली जारी थी। मनसे प्रमुख राज ठाकरे सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और यात्रियों का पैसा वापस करने की मांग की थी।
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कैसे मिलेगा रिफंड?
MSRDC के अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने रियायतग्राही IRB इंफ्रास्ट्रक्चर से FASTag डेटा मांगा था। जांच में पाया गया कि टोल वसूली रोकने के आदेश के बाद भी कई वाहनों से पैसे कट गए थे। अब प्रशासन ने फैसला किया है कि जिन 1.2 लाख वाहनों से जाम के दौरान टोल लिया गया, उन्हें चिह्नित कर लिया गया है।रिफंड की कुल राशि 5.16 करोड़ रुपये है। यह पैसा सीधे वाहन चालकों के FASTag वॉलेट या लिंक किए गए बैंक खाते में अगले एक सप्ताह के भीतर क्रेडिट कर दिया जाएगा।
यह कदम न केवल आर्थिक राहत है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक मिसाल भी है कि आपातकालीन स्थिति में सेवाओं के अभाव में टोल वसूली अनुचित है। यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी की है।
