छत्रपति संभाजीनगर: छोटी समस्याओं में छिपे अवसर पहचानें, नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनें
Sambhajinagar Startup Motivation: छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित ‘हेड ऑन’ कार्यक्रम में प्रसाद कोकिल ने विद्यार्थियों से नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया।
- Written By: अंकिता पटेल
Student Guidance Program ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Chhatrapati Sambhajinagar Self Employment Skill Development: छत्रपति संभाजीनगर अपने आसपास की छोटी-छोटी समस्याओं को पहचानकर उनमें निहित अवसरों को तलाशना ही सच्ची उद्यमिता है। यदि युवा नवाचारपूर्ण विचारों को विकसित कर उन्हें व्यवसाय में परिवर्तित करें तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकते हैं।
नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी बनें। यह प्रेरक आह्वान उद्यमी तथा मैजिक संस्था के कार्यकारी संचालक प्रसाद कोकिल ने विद्यार्थियों से किया।
मैजिक संस्था और एसबी कला वाणिज्य महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता विषय पर आधारित ‘हेड ऑन’ विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया था।
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कार्यक्रम में प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में प्रसाद कोकील उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विवेक मिरगणे ने की। इस अवसर पर उपप्राचार्य डॉ. आनंद चौधरी, डॉ. संदीप चौधरी, मैजिक के देविदास राठोड, राघवेंद्र कुलकर्णी, प्रा। सीमा ढगे, प्रा। निलेश उपाध्ये सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
स्टार्टअप व नवाचार के लिए मंच उपलब्ध
अपने मार्गदर्शन में कोकील ने विद्यार्थियों को समस्याओं को अवसर के रूप में देखने की दृष्टि प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्टार्टअप और नवाचार के लिए अनेक मंच उपलब्ध हैं।
आवश्यकता केवल सकारात्मक सोच, साहस और निरंतर प्रयास की है। ‘हेड ऑन’ कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर नए व्यवसायिक अवसरों की खोज करने का आग्रह किया।
छात्रों से उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार एक साधारण विचार भी उचित योजना और मार्गदर्शन से सफल उद्योग का रूप से सकता है। इसके पश्चात देविदास राठोड ने मैजिक इन्क्यूबेशन सेंटर की विभिन्न गतिविधियों, कार्यप्रणाली तथा नवाचारपूर्ण विचारों को व्यवहारिक व्यवसाय में विकसित करने हेतु दिए जाने वाले मार्गदर्शन और सहयोग की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि किसी भी कल्पना को स्टार्टअप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया क्या होती है और उसमें किन-किन चरणों से गुजरना पड़ता है। समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. विवेक मिरगने ने विद्यार्थियों से उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया, उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नवसृजन की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. सीमा ढगे ने किया जबकि आभार प्रा. निलेश उपाध्ये ने व्यक्त किया, विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक प्रतिसाद दिया और ‘हेड ऑन’ पहल से उनमै उद्यमिता के प्रति नया उत्साह देखने को मिला।
