गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलेगा कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा बोर्ड देगा बीमा और स्वास्थ्य लाभ

Gig-Platform Workers Benefits: नई सामाजिक सुरक्षा संहिता से गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को अब स्वास्थ्य, बीमा और परिवार कल्याण लाभ मिलेंगे। महाराष्ट्र के मंत्री आकाश फुंडकर ने इस बारे जानकारी दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Gig-Platform Workers Social Security: केंद्र सरकार ने देश के लाखों गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम की जानकारी दी है। महाराष्ट्र विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राज्य के श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने बताया कि केंद्र सरकार ने 'गिग' और 'प्लेटफॉर्म वर्कर्स' के लिए एक नई सामाजिक सुरक्षा संहिता पेश की है। इस संहिता का सबसे बड़ा प्रावधान एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन करना है, जो विशेष रूप से इन अस्थायी और डिजिटल माध्यम से काम करने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए समर्पित होगा।

किन्हें मिलेगा इसका लाभ?

मंत्री फुंडकर ने सदन को स्पष्ट किया कि 'गिग वर्कर्स' वे श्रमिक हैं जिनका काम अस्थायी प्रकृति का होता है। वहीं, 'प्लेटफॉर्म वर्कर्स' की श्रेणी में वे लोग आते हैं जो डिजिटल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। अब तक इन श्रमिकों को "कर्मचारी" का कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं था और उन्हें केवल डिलीवरी या कार्य के आधार पर भुगतान पाने वाले 'कारोबारी साझेदार' के रूप में देखा जाता था। लेकिन नवंबर 2025 से लागू हुई सामाजिक सुरक्षा संहिता ने पहली बार इनकी स्थिति को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है, जिससे इन्हें औपचारिक कार्यबल का हिस्सा माना जाएगा।

बोर्ड की भूमिका और मिलने वाली सुविधाएं

प्रस्तावित राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड इन श्रमिकों को बुनियादी और आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगा। मंत्री ने अवगत कराया कि इस बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवा, बीमा और परिवार कल्याण लाभ दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को इस संहिता के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी दी गई कि जब यह राष्ट्रीय बोर्ड पूरी तरह स्थापित हो जाएगा, तब राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों द्वारा बनाए गए विशिष्ट कानून स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे, जिससे देश भर में एक समान कानून लागू होगा।

NTC मिल श्रमिकों के लिए भी राहत

गिग वर्कर्स के अलावा, मंत्री ने मुंबई में 'नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन' (NTC) की बंद मिलों के श्रमिकों के बारे में भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों के लंबित बकाये के भुगतान के लिए निगम के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है। मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में, अगले एक साल के भीतर इन श्रमिकों के बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि कोविड-19 के बाद मुंबई की चार NTC मिलें बंद हो गई थीं, जिसके बाद श्रमिक संगठनों ने अपने वेतन के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

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