NEET Paper Leak: शिवराज मोटेगांवकर का पाखंड उजागर, क्लासरूम में बेंच पर चढ़कर छात्रों पर छिड़का 'पवित्र जल'

NEET Paper Leak Scam Shivraj Motegaonkar Pune CBI: नीट घोटाले के आरोपी शिवराज मोटेगांवकर का क्लासरूम में अंधविश्वास फैलाते हुए वीडियो वायरल। पुणे-लातूर के डॉक्टरों से सीबीआई की कड़ी पूछताछ।
Shivraj Motegaonkar Superstition Video
क्लासरूम में छात्रों पर पवित्र जल छिड़कते हुए शिवराज मोटेगावंकर (फोटो क्रेडिट-X)
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Shivraj Motegaonkar Superstition Video: देश भर के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य और कड़ी मेहनत को चंद रुपयों के लिए नीलाम करने वाले नीट परीक्षा घोटाले की जांच अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुकी है। लातूर में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाले प्रसिद्ध आरसीसी कोचिंग संस्थान के प्रमुख शिवराज मोटेगांवकर को सीबीआई ने धांधली के पुख्ता सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया था। लेकिन जेल की सलाखों के पीछे जाने के बाद अब मोटेगांवकर का जो वीडियो सामने आया है, उसने आधुनिक डिजिटल शिक्षा का दावा करने वाले इन कोचिंग माफियाओं के दोहरे चरित्र और पाखंड की धज्जियां उड़ा दी हैं।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मोटेगांवकर ने विज्ञान और चिकित्सा (Medical) की पढ़ाई करने वाले छात्रों के सामने ही अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसा माहौल तैयार कर रखा था। वह बकायदा हाथ में तांबे का पात्र लेकर किसी तांत्रिक की तरह बेंचों पर छलांग लगा रहा है और मासूम विद्यार्थियों पर पानी छिड़क रहा है। नेटिजन्स (Social Media Users) इस वीडियो को देखकर तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो शिक्षक छात्रों को वैज्ञानिक सोच (Scientific Temper) देने के बजाय अंधविश्वास और फर्जी दावों की घुट्टी पिला रहा था, वह पर्दे के पीछे से प्रश्नपत्र लीक कराने के ही काबिल था।

क्या एनटीए (NTA) के अधिकारियों तक थे मोटेगांवकर के सीधे संपर्क?

सीबीआई के रडार पर अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कुछ अंदरूनी अधिकारी और सलाहकार भी आ गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि लातूर और पुणे के इन रसूखदार कोचिंग संचालकों को एनटीए के भीतर बैठे कुछ प्रभावशाली सफेदपोशों का सीधा संरक्षण प्राप्त था। अब यह सवाल बड़ी प्रखरता से उठ रहा है कि आखिर किन राजनैतिक या प्रशासनिक सिफारिशों के दम पर इन दागी शिक्षकों और बिचौलियों की पहुंच परीक्षा से जुड़े गोपनीय विभागों तक सुनिश्चित की गई थी।

अस्पताल चलाने के लालच में डॉक्टरों ने खरीदे 'लीक पेपर'

इस पूरे घोटाले का सबसे शर्मनाक पहलू महाराष्ट्र के नामचीन चिकित्सा क्षेत्र से सामने आया है। सीबीआई फिलहाल पुणे, लातूर, नासिक और संभाजीनगर के कई नामी डॉक्टरों और निजी अस्पताल मालिकों से गहन पूछताछ कर रही है। इन डॉक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने अपने करोड़ों रुपये के निजी अस्पतालों और पारिवारिक मेडिकल विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपने अयोग्य बच्चों के वास्ते 40 से 50 लाख रुपये नकद देकर परीक्षा से पहले ही फटे हुए नीट के प्रश्नपत्र खरीदे थे।

देशव्यापी स्तर पर कड़ाई से चल रही है धरपकड़

नीट-यूजी परीक्षा धांधली के मामले में सीबीआई दिल्ली, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में एक साथ छापेमारी कर रही है। पेपर फाड़कर बेचने वाले मुख्य एजेंटों, दलालों और उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है। लातूर में पूछताछ के दायरे में आए कुछ डॉक्टरों और अभिभावकों के बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त निगरानी के बीच चल रही इस जांच के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि चिकित्सा क्षेत्र को कलंकित करने वाले इस रैकेट के सभी चेहरों को कड़ी से कड़ी सजा भुगतनी होगी।

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