कोल्हापुर में दिल दहला देने वाला हादसा, ऐतिहासिक केशवराव भोसले थिएटर जलकर खाक

प्रारंभिक जानकारी मिली है कि आग शॉक सर्किट की वजह से लगी है। राजर्षि शाहू महाराज ने खासबाग मैदान और रंगमंच का निर्माण कराया था। थिएटर में आग लगने से कोल्हापुर में लोग दुख व्यक्त कर रहे हैं। इस आग को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि आग खासबाग कुश्ती मैदान की तरफ से शुरू हुई।
fire broke out at Keshavrao Bhosale theatre in Kolhapur
केशवराव भोसले थिएटर जलकर खाक (सोर्स-सोशल मीडिया)
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कोल्हापुर: कोल्हापुर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि शहर के ऐतिहासिक संगीतसूर्या केशवराव भोसले थिएटर में रात 10 बजे के बीच आग लग गई। ऐतिहासिक स्थल को ध्यान में रखते हुए थिएटर का नवीनीकरण किया गया था। थिएटर में लगी आग घटना कोल्हापुर के लोगों को बड़ा झटका माना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, संगीतसूर्या केशवराव भोसले थिएटर में आग में शॉक सर्किट की वजह से लगी है। आग लगने के तुरंत बाद दमकल विभाग को सुचना दी गई। जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की। हालांकि, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। ऐसे में फायर ब्रिगेड को काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लेकिन केशवराव भोसले थिएटर का एक हिस्सा ढह गया है और छत गिरने की भी खबर है।

शॉक सर्किट की वजह से लगी आग

प्रारंभिक जानकारी मिली है कि आग शॉक सर्किट की वजह से लगी है। राजर्षि शाहू महाराज ने खासबाग मैदान और रंगमंच का निर्माण कराया था। थिएटर में आग लगने से कोल्हापुर में लोग दुख व्यक्त कर रहे हैं। इस आग को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि आग खासबाग कुश्ती मैदान की तरफ से शुरू हुई। बताया जा रहा है कि इस मैदान में मौजूद असेंबली हॉल में भी आग लग गई है। घटना से जानमाल के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन केशवराव भोसले थिएटर का एक हिस्सा जलकर खाक हो गया और छत ढह गई है।

घटिया काम करने का आरोप

केशवराव भोसले थिएटर की आग लगने की घटना को लेकर प्रशासन जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कोल्हापुर शहर और जिला नागरिक कृती समिति ने प्रशासन पर लापरवाही और घटिया काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आग लगने की पूरी घटना की जांच होनी चाहिए।और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

हसन मुश्रीफ ने क्या कहा

कोल्हापुर के संरक्षक मंत्री हसन मुश्रीफ ने घटनास्थल पर पहुंचने के बाद कहा कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 109 साल पहले राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज द्वारा बनवाया गया सभागार आग में जलकर खाक हो गया। किसी ने सोचा भी नहीं था कि सभागार इस तरह नष्ट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपये दिए जाने के बाद सभागार का जीर्णोद्धार किया गया था।

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