Congress Corporators Suspended Jalna (फोटो क्रेडिट-X)
Congress Corporators Suspended: महाराष्ट्र की राजनीति में अनुशासन और निष्ठा को लेकर कांग्रेस ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। जालना नगर निगम (Jalna Municipal Corporation) में पार्टी विरोधी गतिविधियों और भाजपा के साथ कथित सांठगांठ के आरोप में कांग्रेस ने अपने 7 पार्षदों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के आदेश पर की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन पार्षदों ने नगर निगम में महत्वपूर्ण नियुक्तियों के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए खुलेआम भाजपा उम्मीदवारों की मदद की थी।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस राज्य के स्थानीय निकायों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इससे पहले पार्टी ने अंबरनाथ नगर निगम में भी इसी तरह का सख्त रुख अपनाया था।
जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जालना नगर निगम में अनुमोदित सदस्यों (Co-opted Members) की नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान इन सात पार्षदों ने पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। प्रदेश नेतृत्व द्वारा जारी आधिकारिक ‘व्हिप’ की अनदेखी करते हुए, इन सदस्यों ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान या सहयोग किया। इस विश्वासघात के कारण कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर बड़े राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बिना किसी देरी के सीधे निलंबन का कड़ा फैसला लिया।
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महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट गणेश पाटिल के हस्ताक्षरों के साथ जारी आधिकारिक आदेश में सात पार्षदों के नाम शामिल हैं। इन सभी को अगले आदेश तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए पार्षदों के नाम निम्नलिखित हैं:
हर्षवर्धन सपकाल ने इस सीधी कार्रवाई के जरिए राज्यभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि स्थानीय निकायों में गठबंधन धर्म या पार्टी नीतियों के खिलाफ जाकर व्यक्तिगत लाभ के लिए विपक्षी दलों की मदद करना ‘अक्षम्य अपराध’ माना जाएगा। जालना की इस घटना के बाद अब अन्य नगर निगमों और जिला परिषदों में भी असंतुष्ट गुटों पर पार्टी की पैनी नजर है।