'गुरु जी के आशीर्वाद से ठीक हुआ गला', Ritu Tawde के बयान की आलोचना, मुंबई की मेयर ने खुद दी सफाई

Mumbai Mayor Ritu Tawde Controversy: मुंबई मेयर रितु तावड़े ने 'गले के चमत्कार' वाले बयान पर दी सफाई। 'ओम' जाप को बताया स्वास्थ्य लाभ का कारण, ट्रोलर्स पर साधा निशाना।
Ritu Tawde Controversy
Ritu Tawde Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
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Ritu Tawde Throat Problem Recovery: मुंबई की मेयर रितु तावड़े इन दिनों अपने एक विवादास्पद बयान के कारण सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग और आलोचनाओं का सामना कर रही हैं। एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया था कि "गुरुदेवजी के आशीर्वाद से उनके गले की समस्या ठीक हो गई है और यह एक चमत्कार है।" इस बयान के बाद उन पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगने लगे, जिसके जवाब में मेयर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपनी सफाई पेश की और आलोचकों पर अपना तीखा गुस्सा जाहिर किया।

मेयर तावड़े ने स्पष्ट किया कि यह अंधविश्वास का मामला नहीं, बल्कि अटूट आस्था और योग विज्ञान से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात जैन मुनि नम्रमुनि महाराज से हुई थी, जहाँ उन्हें 'ओम' का जाप करने की सलाह दी गई थी।

'ओम' के जाप और कसरत से मिला आराम

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई देते हुए रितु तावड़े ने बताया कि जब वे गुजरात में गुरुदेव नम्रमुनि महाराज का आशीर्वाद लेने गई थीं, तब उन्हें गले में काफी तकलीफ थी। उस समय महाराज ने उन्हें 'ओम' का जाप करने को कहा। मेयर के अनुसार, 'ओम' का निरंतर जाप करने से गले की प्राकृतिक कसरत (Vocal exercise) हुई, जिससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ घाटकोपर पूर्व के विधायक पराग शाह, पार्षद राखी जाधव और अन्य नेता भी मौजूद थे। मेयर ने कहा कि वे प्रतिदिन सुबह उठकर ओम का जाप कर रही हैं और इसी के परिणामस्वरूप उनका गला ठीक हुआ है।

ट्रोलर्स पर बरसीं मेयर: 'निचले स्तर की राजनीति'

लगातार हो रही ट्रोलिंग से आहत मेयर रितु तावड़े ने ट्रोलर्स और विरोधियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा, "स्वामी समर्थ और साईं बाबा जैसे संतों में हमारी आस्था है, हम आदरणीय नम्रमुनिजी का अनुसरण करते हैं। मेरी भावनाओं को गलत तरीके से पेश किया गया।" उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी तुलना विवादित मामलों (अशोक खरात प्रकरण) से करने पर गहरी घिन व्यक्त की। तावड़े ने सवाल उठाया कि लोग इतने निचले स्तर पर जाकर ट्रोल कैसे कर सकते हैं। उन्होंने संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों की "जुबान में हड्डी नहीं होती", जो बिना सोचे-समझे बयानबाजी करते हैं।

आस्था बनाम अंधविश्वास की बहस

मेयर के इस बयान ने मुंबई की राजनीति में 'आस्था बनाम अंधविश्वास' की नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि मेयर का कहना है कि उन्होंने केवल अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिस कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही थी, वहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। मेयर ने भावुक होते हुए कहा कि वे अभी घर भी नहीं पहुंची थीं कि उनकी छवि खराब करने वाली खबरें पोस्ट कर दी गईं, जो बेहद निंदनीय है।

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