Jalgaon Ladki Bahin KYC Fraud प्रतीकात्मक तस्वीर
Jalgaon Crime: महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक अत्यंत घिनौनी और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्व KYC (नो योर कस्टमर) की मजबूरी का फायदा उठाकर महिलाओं के शोषण पर उतर आए हैं। जलगांव शहर पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर गोकुल चव्हाण नामक आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है।
यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपी पर अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर भी महिलाओं को जाल में फंसाने का आरोप लगा है।
जलगांव पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, घटना 25 जनवरी 2026 की है। पीड़िता घर पर अकेली थी, तभी उसके पति का दोस्त गोकुल चव्हाण वहां पहुँचा। उसने महिला से ‘लाडकी बहिन’ योजना के केवाईसी दस्तावेजों के बारे में पूछा और मदद का भरोसा दिया। दस्तावेज लेने के बाद आरोपी ने निर्लज्जता की सारी हदें पार कर दीं और महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। उसने महिला को प्रलोभन दिया कि वह उसका काम करवा देगा और यह बात किसी को पता नहीं चलेगी। जब महिला ने कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने ‘परीक्षा लेने’ का बहाना बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।
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जांच में यह भी सामने आया है कि गोकुल चव्हाण ने फरवरी माह में इलाके की एक अन्य महिला को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी। उसने उस महिला की बंद पड़ी विधवा पेंशन को फिर से शुरू करवाने के बदले शारीरिक संबंधों की मांग की थी। आरोपी लगातार महिलाओं का पीछा करता था और उनके घर के आसपास मंडराकर उन पर मानसिक दबाव बनाता था।
पीड़िता ने अपने पति के गोवा से लौटने के बाद 1 फरवरी को उसे पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद पति और आरोपी के बीच विवाद भी हुआ, लेकिन आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं। वह लगातार पीड़िता के घर की रसोई के सामने आकर खड़ा हो जाता और पीछा करता था। अंततः, आरोपी की बढ़ती बदतमीजी से तंग आकर पीड़िता ने जलगांव शहर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।
राज्य सरकार द्वारा लगभग 71 लाख लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों को केवाईसी पूरा करने के आदेश के बाद तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रही महिलाओं के लिए यह एक चेतावनी भरी घटना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं के कार्यों के लिए केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं और किसी भी परिचित या अनजान व्यक्ति को अपने गोपनीय दस्तावेज न सौंपें।