
जीत के बाद जश्न मनाता कोल्हे परिवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jalgaon Election Lalit Kolhe Victory: जलगांव महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक भावुक और चौंकाने वाली कहानी लिख दी है। शिंदे सेना (महायुति) के उम्मीदवार ललित कोल्हे ने सलाखों के पीछे से चुनाव लड़कर न केवल जीत हासिल की, बल्कि अपनी मां और बेटे के साथ मिलकर ‘तिहरी जीत’ दर्ज की है।
महाराष्ट्र स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनावों के बीच जलगांव से एक ऐसी खबर आई है जिसने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है। महायुति के उम्मीदवार ललित कोल्हे, जो वर्तमान में जेल में बंद हैं, उन्होंने वहीं से चुनावी रणभेरी फूंकी और मतदाताओं का विश्वास जीतने में कामयाब रहे।, यह जीत केवल एक राजनीतिक विजय नहीं, बल्कि कोल्हे परिवार के लिए एक भावनात्मक संघर्ष का सुखद अंत भी है। जैसे ही जीत की घोषणा हुई, जलगांव की सड़कों पर कोल्हे समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर भारी जश्न मनाया।
इस चुनाव में सबसे खास बात यह रही कि कोल्हे परिवार के तीन सदस्यों ने जीत का परचम लहराया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ललित कोल्हे ने जलगांव महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 11 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सिंधुताई कोल्हे (मां) प्रभाग क्रमांक 11 से अपने बेटे के साथ विजयी रहीं। वहीं पियूष कोल्हे (बेटा) ने प्रभाग क्रमांक 4 से महायुति के उम्मीदवार के रूप में दनदनाती जीत हासिल की।
जीत के बाद जश्न का एक वीडियो सामने आए। जिसमें ललित कोल्हे की पत्नी, सिंधुताई कोल्हे की बहू और पीयूष ललित कोल्हे की मां खुशी से अपने बेटे को गले लगाकर नाचती दिखाई पड़ी। प्रभाग क्रमांक 11 में तो शिंदे सेना का पूरा पैनल ही विजयी रहा, जहां ललित कोल्हे और उनकी माताजी के साथ पार्टी के अन्य दो उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की।
#WATCH | Maharashtra civic body elections | Jalgaon: Emotional scenes in Jalgaon as Sarita Kolhe shares a hug with Mahayuti candidate Piyush Lalit Kolhe and breaks down. Three members of the family – Lalit Kolhe, Sindhutai Kolhe and Piyush Lalit Kolhe won the election. Lalit… pic.twitter.com/8gsURFbQPx — ANI (@ANI) January 16, 2026
इस जीत के पीछे कोल्हे परिवार का एक बड़ा त्याग और संघर्ष भी सामने आया है। ललित कोल्हे की जीत के बाद उनकी पत्नी सरिता कोल्हे अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके पति पर बेहद ‘घृणास्पद’ आरोप लगाए गए थे, लेकिन जनता ने अपने वोटों के जरिए उन आरोपों का जवाब दे दिया है।
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सरिता कोल्हे ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जब से उनके पति को गिरफ्तार किया गया था, तब से उन्होंने और उनके बेटे पियूष ने चप्पल न पहनने की शपथ ली थी। उन्होंने संकल्प किया था कि वे चप्पल तभी पहनेंगे जब ललित कोल्हे वापस आएंगे या जीत हासिल करेंगे। जीत के बाद पियूष को गले लगाते हुए सरिता कोल्हे के चेहरे पर जीत की खुशी और पिछले संघर्ष का दर्द साफ झलक रहा था।
जेल से चुनाव लड़कर जीतना हमेशा से चर्चा का विषय रहता है, लेकिन एक साथ परिवार के तीन सदस्यों का जीतना और उसमें भी एक उम्मीदवार का जेल में होना, जलगांव के राजनीतिक इतिहास की दुर्लभ घटनाओं में से एक है।, समर्थकों का मानना है कि यह “सत्य की जीत और जनता का प्यार” है। इस परिणाम ने जलगांव में शिंदे सेना और महायुति की स्थिति को और भी मजबूत कर दिया है।






