सांसद प्रशांत पडोले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Prashant Padole: गोंदिया में जिला विकास योजना की बैठक के बीच आज अजीब का घटनाक्रम देखने को मिला। बैठक में अनेक विषयों पर चर्चा चल ही रही थी कि अचानक इस बैठक में तब सब हतप्रभ रह गए, जब सांसद डॉ. प्रशांत पडोले ने अचानक डीपीडीसी की बैठक को लोकसभा संसद का नजारा दे दिया।
पडोले संसद में तो ऐसा कोई प्रदर्शन अब तक नहीं कर पाए, लेकिन गोंदिया में उन्होंने डीपीडीसी की बैठक में निधि की मांग को लेकर बखेड़ा अवश्य खड़ा करने का प्रयास किया। लेकिन सांसद पद के सम्मान में फिर पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने सांसद निधि की मांग को स्वीकृति प्रदान करने की बात कही, तब सांसद प्रशांत पडोले शांत हुए, और वापस जमीन से कुर्सी पर बैठ गए।
डीपीडीसी की बैठक चल रही थी, तभी अचानक सांसद प्रशांत पडोले बैठक में जिलाधिकारी प्रजीत नायर पर गर्म होते दिखे। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें सांसद पडोले ने कहा- ”कलेक्टर साहब, ये बैठक मंजूरी के लिये है, तो निधि बांटने के लिये भी है ना।
मुझे ही यह पता नहीं हो रहा है कि मेरे प्रस्तावों पर कौन सी निधि कहां दी गई है, मंजूर की गई है या नहीं, उसकी सूची बनाकर मुझे नहीं दे रहे हैं” फिर सांसद पडोले ने कहा- ”अध्यक्ष महोदय, आमाला निध मिलणार की नाही मिलणार” ? जिस पर फिर पालकमंत्री ने जवाब दिया कि हम विचार करते हैं। देखते हैं सांसद निधि और आमदार निधि पर क्या हो रहा है, जिस पर फिर सांसद पडोले नाराज हो गए, और कुर्सी छोड़कर खड़े होते हुए उन्होंने कहा- ”फिर इस बैठक का औचित्य क्या है, मैं उठ जाता हूं, और फिर सांसद पडोले उठने लगे।”
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पालकमंत्री नाईक ने कहा कि एक मिनट सुनिये लेकिन सांसद पडोले ने कहा कि मैं जा नहीं रहा हूं, सिर्फ इस जगह से उठकर वहां जा रहा हूं, जहां मुझे जाना चाहिये, और सांसद पडोले फिर सामने बैठक में जमीन पर जाकर बैठ गए जब सांसद नीचे जाकर बैठ गए। पालकमंत्री ने सांसद को उनकी निधि के संदर्भ में आश्वासन दिया। तब जाकर फिर सांसद ने अपने स्थान पर वापसी की, जिसके बाद बैठक फिर सुचारु रुप से आगे बढ़ पाई।