58वां राष्ट्रीय जल अधिवेशन, विशेषज्ञ होंगे शामिल; 22 से 24 जनवरी तक MIT में राष्ट्रीय जल मंथन
National Water Convention: छत्रपति संभाजीनगर में 22 से 24 जनवरी तक 58वां राष्ट्रीय जल अधिवेशन, देशभर से जल विशेषज्ञ होंगे सहभागी।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Water Management Conference: छत्रपति संभाजीनगर जल क्षेत्र में गहन शोध और व्यावहारिक कार्य करने वाली भारतीय जल कार्य संगठन (आईवों) के मुंबई केंद्र की ओर से 22 से 24 जनवरी के दौरान तीन दिवसीय 58वां वार्षिक राष्ट्रीय जल अधिवेशन बीड बायपास रोड स्थित एमआईटी संस्थान के मंथन सभागार में आयोजित किया गया है।
इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण अधिवेशन में देशभर से जलसंपदा, जलापूर्ति, सांड पानी प्रबंधन, शाश्वत विकास और जल संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, प्रशासकीय अधिकारी, अभियंता, शोधकर्ता और विद्यार्थी बड़ी संख्या में सहभागी होंगे। यह जानकारी महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य अभियंता मनीषा पलांडे ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में दी।
इस वार्षिक जल अधिवेशन की अध्यक्षता पहली बार किसी महिला द्वारा की जाएगी। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य अभियंता मनीषा पलांडे अधिवेशन की अध्यक्ष होंगी। अधिवेशन का उद्घाटन गुरुवार 22 जनवरी को प्रातः 10 बजे राज्य के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील के कर-कमलों से होगा। प्रमुख अतिथि के रूप में राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर उपस्थित रहेंगी।
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अधिवेशन में प्रमुख अतिथियों के रूप में विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर, मनपा आयुक्त एवं प्रशासक जी. श्रीकांत, एमआईटी संस्था के महासंचालक मुनिष शर्मा तथा एमआईटी संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं ग्रामोद्योग शिक्षण मंडल के अध्यक्ष यज्ञेवीर कवडे उपस्थित रहेंगे।
22 जनवरी से तीन दिवसीय अधिवेशन पर व्याख्यान
तीन दिवसीय अधिवेशन के दौरान तकनीकी सत्र, परिसंवाद, विशेषज्ञों के व्याख्यान, पैनल चर्चाएं तथा जल और सांडपानी प्रबंधन से संबंधित आधुनिक तकनीकों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। देशभर से लगभग एक हजार अभियंता इस अधिवेशन में सहभागी होंगे। अब तक 100 शोध प्रबंध प्रस्तुति के लिए पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 50 शोध प्रबंधों को वाचन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
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भारतीय जल कार्य संघटना देश की अग्रणी व्यावसायिक संस्थाओं में से एक है, जो जलापूर्ति, सांड पानी प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में सतत कार्य कर रही है। अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए एमआईटी संस्था के स्थापत्य इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक और विद्यार्थी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
