
तेंदुए और बाघ की दहशत (सौजन्य-नवभारत)
Gondia Tiger Terror: तिरोड़ा तहसील के बुचाटोला व रुस्तमपुर गांव में पिछले आठ दिनों से दिन-रात तेंदुआ विचरण कर रहा है। खेत में काम खत्म करके आराम कर रहे एक किसान से तेंदुआ सिर्फ दस फीट की दूरी पर बैठा था। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने तेंदुए को देखा और किसान जाग गया। जब नागरिकों ने तुरंत शोर मचाया, तो तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। किसान अन्नाराम कटरे की किस्मत बहुत अच्छी थी।
इसीलिए उसकी जान बच गई। यह घटना रविवार, 16 नवंबर को दोपहर के समय बुचाटोला परिसर में घटित हुई। बुचाटोला निवासी अन्नाराम कटरे खेत में काम करने गया था। दोपहर के समय, वह खेत में एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। तेंदुआ उससे सिर्फ दस फीट की दूरी पर एक झाड़ी में बैठा था। उसी रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्ति ने कटरे को आवाज दी।
जब वह दोनों बात कर रहे थे, तभी तेंदुआ दहाड़ा। पहले तो दोनों डर गए। उन्होंने समय रहते शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर पड़ोसी ग्रामीण मौके पर दौड़े। जिससे तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। उसके बाद, उपस्थित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। नागझिरा अभ्यारण्य इस क्षेत्र से सटा हुआ है। इस वजह से इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है।
पिछले दो दिनों में, तेंदुए ने इस क्षेत्र में डेरा डाल दिया है और रुस्तमपुर में धर्मदास परतेती की मवेशियों के छत पर अपना डेरा जमाया हुआ है। तेंदूए उनकी गौशाला में 6 बकरियों को भी शिकार बनाया है। वन अधिकारियों को इसके बारे में सूचित कर दिया गया है और क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि तेंदुए का तुरंत बंदोबस्त किया जाए।
गोरेगांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुरदोली हाईवे मार्ग पर स्थित बाघदेव मंदिर जंगल परिसर में शुक्रवार को दोपहर 3 से 4 बजे के दौरान बाघ अपने शावकों के साथ दो से तीन बार दिखाई पड़ने के कारण हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात अवरुद्ध हो गया व वहां से गुजरने वाले राहगीरों व वाहन चालकों में भय का वातावरण निर्माण हो गया।
यह भी पढ़ें – IAS तुकाराम मुंडे की कार्रवाई: यवतमाल ZP के 21 फर्जी दिव्यांग कर्मचारी सस्पेंड, ‘साहब’ भी पहुंचे HC
इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। कुछ देर के लिए हाईवे के दोनों ओर के आवागमन को बंद रखा गया। उपरोक्त घटना को देखते हुए इस मार्ग से आवागमन करने वालों को सावधानी बरतने का आव्हान वन परिक्षेत्र अधिकारी मनोज गाढ़वे ने किया।
उल्लेखनीय है कि गोरेगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले मुरदोली में हाईवे के दोनों ओर घना वनक्षेत्र है। जिसके कारण अक्सर यहां वन्यजीवों का आना-जाना लगा रहता है। इसी मार्ग से नागझिरा अभ्यारण्य भी सटा हुआ है। जिससे इस मार्ग पर हमेशा बाघ तथा वन्य प्राणी दिखाई देते हैं। तीन वर्ष पूर्व भी इसी मार्ग को पार करते हुए एक बाघ की जंगल की ओर जाते समय कार की चपेट में आ जाने से मृत्यु हो गई थी।
इतना ही नहीं तो अनेक वन्य प्राणीयों के वाहन से टकरा जाने के कारण कई बार दुर्घटनाएं घटित हो चुकी है। शुक्रवार को बाघदेव मंदिर परिसर से एक बाघ अपने शावकों के साथ विचरण करता हुआ दिखाई दिया तो वहां से गुजरने वाले लोगों में डर का माहौल निर्माण हो गया।






