Dongargaon illegal mining (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Sand Mafia: तहसील के कोहमारा, कोदामेड़ी, वडेगांव, चिरचाड़ी, डोंगरगांव, केसलवाड़ा तथा परसोडी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बंद घोषित नदी और नालों से खुलेआम रेत निकाली जा रही है और बिना किसी वैध अनुमति इसका व्यापार किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कोहमारा स्थित शशिकरण नाले से बिना अनुमति रेत का उत्खनन कर ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। आमतौर पर शनिवार और रविवार को इस अवैध गतिविधि में तेजी देखी जाती है, लेकिन अन्य दिनों में भी रेत परिवहन लगातार जारी रहने की जानकारी सामने आ रही है।
इसके अलावा शेंडा, बामणी-खडकी, खोडशिवनी, पांढरी, रेंगेपार, घाटबोरी-तेली समेत आसपास के कई गांवों के नालों से भी अवैध तरीके से रेत निकाले जाने की सूचना है। इस अवैध उत्खनन के कारण शासन को मिलने वाला रॉयल्टी शुल्क और अन्य राजस्व प्रभावित हो रहा है। अनुमान है कि प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
हाल ही में ग्राम राका में ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाते हुए रेत से भरे तीन ट्रैक्टर पकड़कर राजस्व विभाग के हवाले किए थे। जानकारी के अनुसार संबंधित ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है, लेकिन इसके बावजूद अवैध रेत परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग पा रहा है, जिससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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विशेष चिंता की बात यह है कि प्रत्येक पटवारी साजा और मंडल क्षेत्र में ग्राम राजस्व अधिकारी तथा मंडल अधिकारी नियुक्त होने के बावजूद इतनी खुलेआम अवैध गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। अनियंत्रित रेत उत्खनन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
नदी-नालों की प्राकृतिक संरचना बिगड़ने से भूजल स्तर में गिरावट, कृषि भूमि को नुकसान और भविष्य में जल संकट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मामले में तत्काल सख्त और निरंतर कार्रवाई की जाए, अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और रेत माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।