Goregaon water crisis (सोर्सः सोशल मीडिया)
Goregaon Water Crisis: जिले में जल जीवन मिशन योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है। गोरेगांव समेत सभी तहसीलों में काम अधूरे पड़े हैं। गोरेगांव पंचायत समिति की आमसभा में जल जीवन मिशन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सरपंचों ने इसे प्रमुख विषय के रूप में सामने रखा।
उल्लेखनीय है कि गोरेगांव जलापूर्ति विभाग द्वारा तहसील के 66 कार्यों में से 12 गांवों में योजना पूर्ण होने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। इन 12 गांवों में से किसी भी गांव में योजना शुरू नहीं हुई है। योजना का लाभ केवल कागजों तक सीमित बताया जा रहा है।
गोरेगांव पंचायत समिति की आमसभा बीवी लॉन में आयोजित की गई थी। इसमें पंचायत समिति सभापति चित्रलेखा चौधरी, उपसभापति रामेश्वर महारवाडे, पूर्व जिप अध्यक्ष पंकज रहांगडाले, निर्माण सभापति डॉ. लक्ष्मण भगत, जिप सदस्य जितेंद्र कटरे, शैलेश नंदेश्वर, पूर्व सभापति मनोज बोपचे, पूर्व उपसभापति राजकुमार यादव, पंस सदस्य किशोर पारधी, ओमप्रकाश कटरे तथा सभी ग्राम सरपंच और सचिव उपस्थित थे।
इस बीच विधायक विजय रहांगडाले ने सभी विभागों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। हालांकि, जल जीवन मिशन को लेकर सरपंचों ने विधायक रहांगडाले का घेराव किया। आरोप है कि पिछले दो वर्षों से योजना के लिए निधि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। ठेकेदारों के करोड़ों रुपये के कार्य अटके हुए हैं और अधिकांश ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़ दिया है। इसके चलते पूरे जिले में जल जीवन मिशन योजना ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही है।
गोरेगांव तहसील के गोंदेखारी, शहारवानी, विचगांव, सिल्लेगांव, हिरापुर, मलपुरी, पिंडकेपार, सोनी, बोटे, झांजिया, दवडीपार, पालेवाड़ा और परखेड़ा सहित कई गांवों में हर साल गर्मियों में ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है।
सरपंच संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र चौरागढ़े ने कई बार इन कार्यों को लेकर आवाज उठाई, लेकिन जिप प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिला। दूसरी ओर निधि के मामले में ठेकेदारों को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। योजना मंजूर होने के बावजूद ग्रामीणों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। अब गोरेगांव तहसील में अधूरे कामों को लेकर सरपंच संगठन ने कमर कस ली है और काम पूर्ण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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इस विषय पर विधायक विजय रहांगडाले ने कहा कि “हर घर जल” हमारा लक्ष्य है। जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए जल्द ही निधि उपलब्ध कराई जाएगी। टेस्टिंग के बाद ही योजना ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जाएगी। साथ ही उन्होंने मनरेगा में रुकी हुई अकुशल मजदूरी की राशि मार्च में जारी होने का आश्वासन दिया।