वॉटर मेट्रो (साेर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Water Metro Connectivity: मुंबई एमएमआर की लगातार बढ़ती आबादी के चलते गंभीर होती आवागमन समस्या को दूर करने सरकार द्वारा यातायात के अलग अलग साधनों के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। मुंबई में लोकल, मेट्रो, मोनो, मुंबई ट्रांसहार्बर लिंक के बाद अब वॉटर मेट्रो एवं पॉड टैक्सी चलाने का निर्णय लिया गया है।
हाल ही में शुरू हुए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जलमार्ग से भी जोड़ने की योजना बन गई है। वॉटर मेट्रो के शुरू होने से मुंबई से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक करीब 40 मिनट में पहुंचना संभव हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि देश में समुद्र में बने सबसे लंबे ब्रिज मुंबई ट्रांसहार्बर लिंक के माध्यम से भी नवी मुंबई एयरपोर्ट को जोड़ा जा रहा है। उधर नवी मुंबई में मेट्रो से भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जुड़ रहा है।
मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना को इसी साल दिसंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। समुद्री खाड़ी के रास्ते मुंबई से एमएमआर के इलाके नवी मुंबई, रायगड़, ठाणे, कल्याण और वसई तक को जोड़ने की जल परियोजना पर काम हो रहा है। इस परियोजना पर 1200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मुंबई में वॉटर मेट्रो के संचालन से न केवल सड़क यातायात का दबाव घटेगा,बल्कि एमएमआर के शहरों को एक आधुनिक, टिकाऊ और स्मार्ट परिवहन विकल्प भी मिलेगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार मुंबई, रायगड़, ठाणे से वसई के रास्ते पालघर तक जल यातायात का बड़ा विकल्प आने वाले समय में उपलब्ध होगा। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के लिए तैयार की जा रही वॉटर मेट्रो की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को जल्द ही प्रस्तुत किया जाएगा। मुंबई और ठाणे जैसे शहरों में केबल टैक्सी जैसे नए परिवहन के मोड पर काम कर रहे परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा है कि मुंबई से सिंधुदुर्ग रो-रो सेवा शुरू होने जा रही है। ठाणे में तो सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत केंद्र सरकार के सहयोग से जल यातायात का काम शुरू है। ठाणे, भिवंडी में जेटियों का निर्माण चल रहा है।
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मुंबई शहर के भीतर मुख्य रूप से नरीमन पॉइंट से वर्ली-बांद्रा-जुहू-वर्सोवा कॉरिडोर पर वॉटर मेट्रो चलेगी। इसके साथ दक्षिण मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास रेडियो क्लब जेट्टी के तैयार होने के बाद वॉटर मेट्रो के जरिए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। रूट्स को बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक बोट के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे पर्यावरण अनुकूल तेज जल परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सके।
कोच्चि की तर्ज पर मुंबई में भी वाटर मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है,जो आगे चलकर ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण से वसई तक को जोड़ेगी। वर्तमान में सड़क मार्ग से 2 घंटे से अधिक लगने वाली कल्याण से वसई की यात्रा जलमार्ग से 40-50 मिनट में पूरी होने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत एमएमआर में भी 8 से 10 रूट चिह्नित किए गए हैं। इसके पहले सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत ठाणे में वॉटर वे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।