गोंदिया में रेत परिवहन (सौजन्य-नवभारत)
Illegal Sand Mining Goregaon: गोरेगांव तहसील में राजस्व विभाग द्वारा तैयार किए गए अनेक पंचनामों पर कार्रवाई न होने का मामला सामने आया है। मुरूम उत्खनन से लेकर अवैध रेती परिवहन तक कई मामलों में पंचनामे तैयार किए गए, लेकिन संबंधित अधिकारियों की कथित साठगांठ के चलते उन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे कई पंचनामे राजस्व विभाग की फाइलों में ही दबे पड़े होने की चर्चा है। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों ने हाल ही में गोरेगांव के तहसीलदार साईकिरण नंदाला से शिकायत की। शिकायत के बाद तहसीलदार ने फाइलों में पड़े पंचनामों की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार गोरेगांव तहसील अवैध उत्खनन और रेती परिवहन का केंद्र बनता जा रहा है। नागरिकों द्वारा बार-बार शिकायतें किए जाने के बाद भी कई मामलों में राजस्व विभाग केवल पंचनामा तैयार करने की औपचारिकता करता है, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं हो पाती। कुछ मामलों में तो संबंधित पटवारी द्वारा पंचनामा वाट्सएप के माध्यम से पिछले कार्यरत तहसीलदार तक भेजे जाने की भी चर्चा है।
बताया जाता है कि बोटे, सोनी, तिमेझरी, शहारवानी, गोंदेखारी, पिंडकेपार, सोनेगांव, बोडुंदा, हीरापुर तथा घोटी-गहेलाटोला जैसे गांवों में अवैध उत्खनन को लेकर पंचनामे तैयार किए गए थे। हालांकि कार्रवाई के बजाय इन पंचनामों को फाइलों में ही दबा दिए जाने की चर्चा है। वहीं रेती परिवहन पर भी राजस्व विभाग की अनदेखी हो रही है।
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हाल ही में तहसील कार्यालय परिसर में सीमेंट सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य में बिना रॉयल्टी की रेती उपयोग किए जाने की भी चर्चा है। कार्यालय के सामने ही रेती डंप किए जाने के कारण राजस्व विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। रेती परिवहन पर बने अनेक पंचनामे केवल कागजों पर रह गए हैं।
गोरेगांव के तहसीलदार साईकिरण नंदाला ने कहा मामला गंभीर है। बिना कार्रवाई के पड़े सभी पंचनामों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और संबंधित राजस्व निरीक्षकों व पटवारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।