paddy centers closed (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Farmers: सरकार ने खरीफ सीजन में धान खरीदी के लिए जिला मार्केटिंग फेडरेशन को 25.90 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया था। लेकिन फेडरेशन द्वारा धान खरीदी केंद्रों को दिया गया लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कई केंद्रों पर खरीदी बंद कर दी गई है। अब किसानों की नजर इस बात पर है कि सरकार फेडरेशन के लक्ष्य में वृद्धि करती है या नहीं।
किसानों को समर्थन मूल्य से कम कीमत न मिले, इसके लिए सरकार जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से धान खरीदी केंद्रों पर धान खरीदती है। हर साल फेडरेशन आमतौर पर खरीफ सीजन में करीब 40 लाख क्विंटल धान खरीदता है, लेकिन इस वर्ष सरकार ने शुरुआत में फेडरेशन को केवल 12.50 लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया था।
लक्ष्य पूरा होने के बाद इसे पहले 6 लाख क्विंटल और फिर 7.40 लाख क्विंटल बढ़ाया गया। तय लक्ष्य के अनुसार फेडरेशन ने जिले के 188 धान खरीदी केंद्रों को खरीदी की सीमा तय कर दी। लेकिन दो दिन पहले 90 से अधिक केंद्रों की लिमिट खत्म होने के कारण उन्होंने धान खरीदी बंद कर दी है। जानकारी के अनुसार, जब तक लिमिट नहीं बढ़ाई जाती, तब तक खरीदी शुरू नहीं होगी। इससे किसान मुश्किल में पड़ गए हैं।
जिला मार्केटिंग फेडरेशन ने अब तक 82 हजार किसानों से 25.89 लाख क्विंटल धान खरीदा है। खरीदे गए धान की कुल कीमत 601 करोड़ 44 लाख रुपये है। इसमें से सरकार ने अब तक भुगतान के लिए 382 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई है। वहीं 222 करोड़ रुपये का बकाया होने से 40 हजार से अधिक किसान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
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सरकारी धान खरीदी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सरकार के ऑनलाइन बीम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। जिले में 1,32,614 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 82 हजार से अधिक किसान धान बेच चुके हैं, जबकि 50 हजार से अधिक पंजीकृत किसान अब भी धान बेचने से वंचित हैं।