घर में सो रही महिला पर बाघ ने किया हमला, घसीटते हुए ले गया, महिला की मौत से इलाके में दहशत

Gondia News: गोंदिया जिले के धमदीटोला गांव में बाघ ने सो रही महिला पर हमला कर मौत के घाट उतारा। तीन दिन पहले अर्जुनी मोरगांव में तेंदुए ने 5 वर्षीय बच्चे की जान ली थी। इस घटना के बाद दहशत का माहौल है।
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बाघ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Gondia Arjuni Morgaon Tiger Attack: गोंदिया जिले की देवरी तहसील के चिचगढ़ वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धमदीटोला गांव में रविवार, को रात करीब 1 बजे अपने घर के बरामदे में गहरी नींद में सो रही एक महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक महिला का नाम आलेवाड़ा निवासी प्रभाबाई शंकर कोराम (49) बताया गया है।

गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील के संजयनगर में घर के आंगन में पेशाब करने गए 5 वर्षीय बालक पर तेंदुए द्वारा हमला कर उसे मौत के घाट उतारने की घटना घटित हुई थी। इस घटना के तीन दिन बाद ही रविवार को आधी रात को हुई इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

घर में सो रही थी महिला

परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतका प्रभाबाई अपनी बेटी के प्रसुति के लिए एक महीने से उसके घर पर रह रही थी। शनिवार को परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो गए थे। इस समय, प्रभाबाई बरामदे में आराम कर रही थी।

तभी रविवार को रात करीब एक बजे जब वह गहरी नींद में सो रही थी तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए ले गया, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए व मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सुबह जब परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने शोर मचाया और ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना चिचगढ़ वन परिक्षेत्र कार्यालय और पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा किया। घटनास्थल पर बाघ के पंजों के निशान मिले हैं और वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि हमला बाघ ने किया था या किसी अन्य जानवर ने, जांच की रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण पता चल पाएगा।

वन विभाग के प्रति ग्रामीणों का आक्रोश

दिन-प्रतिदिन जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों के बावजूद, वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति अपना रोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने ठान लिया कि जब तक मृतक के परिवार को मुआवजा नहीं मिल जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

इससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस बीच, ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर मृतक प्रभाबाई के परिवार को तत्काल सरकारी सहायता देने और बाघ का बंदोबस्त करने की मांग की।

25 लाख की दी जाएगी सहायता राशि

गोंदिया उपवन संरक्षक पवन जोंफ ने कहा कि यह इलाका बाघ का निवास स्थान नहीं था, लेकिन घटनास्थल पर पंजे का निशान मिला है। हमारी टीम जांच कर रही है। मृतक महिला के परिवार को एक लाख रु। की तत्काल सहायता राशि दे दी गई है। सरकारी परिपत्र के अनुसार, 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। ग्रामीणों के बयान के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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