गोंदिया जिला क्रीड़ा संकुल को प्रशिक्षकों का इंतजार, 12 साल में नहीं मिल पाया एक भी कोच

Gondia News: गोंदिया जिला क्रीड़ा संकुल बने 10 साल से ज्यादा हो गए, पर आज तक एक भी प्रशिक्षक नहीं मिला है। यहां 13 पद मंजूर किए गए है। इससे खिलाड़ियों के विकास पर असर पड़ रहा है।
Gondia District Sports Complex lacks coaches
गोंदिया जिला क्रीड़ा संकुल (फोटो नवभारत)
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Gondia Sports News: गोंदिया शहर में जिला क्रीड़ा संकुल का निर्माण हुए 10 से 12 वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन आज तक इस क्रीड़ा संकुल को एक भी प्रशिक्षक नहीं मिला है। जिससे खिलाड़ियों पर इसका असर देखने को मिल रहा है।

गोंदिया जिला क्रीड़ा संकुल के लिए कुल 13 पद मंजूर हैं। जिसमें से दो क्रीड़ा अधिकारी व तीन प्रशिक्षक के पद रिक्त है। इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी क्रीड़ा संकुल को प्रशिक्षक नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

खेलकूद युवाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत बनाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर क्रीड़ा संकुलों की स्थापना की जाती है।

गोंदिया जिले का जिला क्रीड़ा संकुल भी इसी उद्देश्य के लिए कार्यरत है। हालांकि, आज यह संकुल प्रशिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। जिले के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए गोंदिया में जिला क्रीड़ा संकुल का निर्माण किया गया। यहां अनेक स्पर्धाओं का आयोजन किया जाता है। यहां के खिलाड़ी राज्यस्तरीय स्पर्धा के लिए भेजे गए हैं।

2 क्रीड़ा अधिकारी व तीन प्रशिक्षक के पद रिक्त

गोंदिया क्रीड़ा संकुल का निर्माण हुए 10 से 12 वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन आज भी इस क्रीड़ा संकुल को प्रशिक्षक का इंतजार है। इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रशिक्षक नहीं मिलना, यह समज के परे हैं। यहां कुल 13 पद मंजूर है तथा 2 क्रीड़ा अधिकारी व तीन प्रशिक्षक के पद रिक्त है।

प्रशिक्षकों के पद रिक्त होने से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। जिससे उनके स्पर्धाओं पर असर पड़ रहा है। सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे जिला क्रीड़ा संकुल में प्रशिक्षकों की संख्या बढ़ाने के लिए त्वरित कदम उठाएं।

प्रशिक्षकों की नियुक्ति से खेलकूद का स्तर सुधरेगा और युवा खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। इसके अलावा, प्रशिक्षकों की अनुपस्थिति में खेल गतिविधियों की योजना और विकास भी प्रभावित होता है, जो भविष्य में जिले की खेल प्रगति के लिए बाधक साबित हो सकता है।

क्रीड़ा अधिकारी पर 4 तहसीलों का भार

गोंदिया जिला क्रीड़ा अधिकारी मरस्कोल्हे पर चार तहसील गोंदिया, आमगांव, सालेकसा व देवरी का अतिरिक्त भार है। जिससे उन्हें साप्ताह में एक दिन इन तहसीलों में जाकर भेंट देना पर पड़ रहा है। इन तहसीलों में क्रीड़ा अधिकारी नहीं होने से यहां के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर भी असर पड़ रहा है।

भेजा गया है प्रस्ताव

गोंदिया जिला क्रीड़ा अधिकारी मरस्कोल्हे ने कहा कि जिला क्रीड़ा संकुल में पिछले अनेक वर्षों से प्रशिक्षकों की कमी है। जिससे यहां के खिलाड़ियों पर असर पड़ रहा है। प्रशिक्षकों की मांग का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है।

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