

Maharashtra Government Atrocity Act 1989: सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) एक्ट 1989 (संशोधित एक्ट 2015) नियम 1995 और संशोधित नियम 2016 के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के हत्या/मौत के मामले में मृत हुए व्यक्ति के एक योग्य वारिस को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है, और इसके तहत परिवार वालों को सरकारी नौकरी से जीने की नई उम्मीद पैदा हुई है, ऐसा प्रतिपादन जिले के पालकमंत्री इंद्रनील नाइक ने सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग की ओर से नियोजन सभागृह में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में किया।
इस दौरान विधायक विनोद अग्रवाल, जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, समाज कल्याण समिति सभापति रजनी कुंभरे, पूर्व विधायक राजेंद्र जैन, जिला जाति जांच समिति के अध्यक्ष तथा अपर जिलाधीश उप (रिटायर्ड) प्रदीप कुलकर्णी, जिलाधीश (सामान्य प्रशासन) मानसी पाटिल, आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी उमेश काशिद, जिप के अतिरिक्त सीईओ तानाजी लोखंडे, जिला नियोजन अधिकारी मुरलीनाथ वाडेकर, समाज कल्याण सहायक आयुक्त किशोर भोयर, जिला समाज कल्याण अधिकारी कीर्तिकुमार कटरे उपस्थित थे।
गोंदिया जिले में 8 योग्य वारिसों को ग्रुप-D संवर्ग में 'सिपाही' पद के लिए नियुक्ति पत्र हर्ष छेदीलाल इमलाह, संगीता भीमराज कुंभरे, देलेंद्र टोलूराम बेलबंशी, दिनेश श्रीराम दरवड़े, आर्यन कृष्णकुमार मेश्राम, रजनी मनोहर धमगाये, निकिता अर्पित उके, दिशा निशांत मेश्राम को नाइक ने नियुक्ति पत्र दिए। प्रस्तावना किशोर भोयर ने रखी। संचालन व आभार समाज कल्याण अधीक्षक स्वाति कापसे ने किया।