आदिवासी बहुल कनगड़ी हुआ शराबमुक्त, अवैध बिक्री के साथ ही घरेलू शराब पर भी है पाबंदी

Alcohol Free: आदिवासी बहुल कनगड़ी गांव ने अपने गांव को शराबमुक्त कर अन्य गांवों के समक्ष मिसाल कायम की है और अन्य गांवों के समक्ष मिसाल कायम की है।
आदिवासी बहुल कनगड़ी हुआ शराबमुक्त
आदिवासी बहुल कनगड़ी हुआ शराबमुक्त (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli District: धानोरा तहसील के दुर्गम क्षेत्र में बसे कनगड़ी गांव ने इलाका ग्रामसभा के निर्णय पर अपने गांव में अवैध शराब बिक्री के साथ ही घरेलू शराब पर भी पाबंदी लगाई है। जिसके चलते इस आदिवासी बहुल गांव ने अपने गांव को शराबमुक्त कर अन्य गांवों के समक्ष मिसाल कायम की है।

धानोरा तहसील मुख्यालय से 48 किमी दूरी पर कनगड़ी गांव स्थित है। इस गांव की जनसंख्या 350 के आसपास है। इस गांव में केवल आदिवासी समुदाय के लोग ही निवासरत है। पहले गांव के कुछ लोग गांव में अवैध रूप से शराब बिक्री करते थे। इसके साथ ही आदिवासी परंपरा के अनुसार घरेलू शराब का भी उपयोग किया जाता था। लेकिन इस परंपरा के कारण गांव के युवाओं में नशे का प्रमाण बढ़ने की संभावना निर्माण हुई थी।

प्रस्ताव सभी की अनुमति से पारित

ऐसे में 40 गांव के इलाका ग्रामसभा ने संपूर्ण गांव के प्रमुख गांव पटेल, भूमिया देहारी व ग्रामसभा सदस्यों की उपस्थिति में घरेलू शराब का उपयोग इस मुद्दे पर बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ग्रामसभा ने हर गांव की स्थिति जानते हुए शराब बंद करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही निर्णय का उल्लंघन कर शराब बिक्री करने वाले व्यक्ति से 20 हजार का जुर्माना व शराब विक्रेताओं की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने का निर्णय लिया गया। यह प्रस्ताव सभी की अनुमति से पारित किया गया।

गांव में शांति व सुव्यवथा कायम

इस ग्रामसभा में समाविष्ट कनगड़ी गांव ने भी निर्णय पर अमल करते हुए अपने गांव से अवैध शराब बिक्री के साथ ही आदिवासी परंपरा में शराब का उपयोग करने की परंपरा भी खंडित की। जिससे शराब का उपयोग पूर्णत कम हुआ है। और नशे का प्रमाण भी काफी कम हुआ है। गांव में शराब बिक्री ही नहीं होने से अकारण विवाद का सवाल ही नहीं उठता है। दुर्गम क्षेत्र में बसे इस आदिवासी बहुल गांव ने शराब के दुष्परिणाम ध्यान में लेकर अपने गांव से अवैध शराब को बाहर किया है। गांव में शांति व सुव्यवथा कायम रखते हुए अन्य गांवों के समक्ष आदर्श निर्माण किया है।

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