नामांकन के आखिरी दिन उमड़ेगी भीड़, बगावत के डर से पार्टियों ने उम्मीदवारों के नाम रखे गुप्त
Gadchiroli Nagar Palika Elections: गड़चिरोली नगर पालिका चुनाव में बगावत के डर से पार्टियों ने उम्मीदवारों के नाम रोके गए है। नामांकन के आखिरी दिन भारी भीड़ और शक्ति प्रदर्शन की संभावना है।
- Written By: आंचल लोखंडे
नामांकन के आखिरी दिन उमड़ेगी भीड़ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Mayor Election: गड़चिरोली नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन भरने में अब केवल दो दिन बचे हैं, लेकिन बगावत की आशंका के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। इसी वजह से नामांकन के अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। चार साल बाद हो रहे इन चुनावों में पदाधिकारी तेजी से अपनी महत्वाकांक्षा प्रकट कर रहे हैं। प्रमुख दलों में नगराध्यक्ष और पार्षद पदों को लेकर जोरदार रस्साकशी चल रही है। महायुति और महाविकास आघाड़ी की सीमाएं टूटती दिख रही हैं और लगभग सभी दल स्वतंत्र मोर्चेबंदी करने में जुटे हैं। इच्छुकों की बड़ी संख्या देखते हुए पार्टियां बगावत टालने के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी करने में देर कर रही हैं।
गड़चिरोली, आरमोरी और देसाईगंज नगरपालिकाओं के लिए मतदान 2 दिसंबर को होना है। 10 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन चौथे दिन तक तीनों नगरपालिकाओं में नगराध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ था। शुक्रवार को आम्बेडकरी संगठनों के परिवर्तन पैनल के कुछ उम्मीदवारों ने नामांकन जमा किए। अब तक गड़चिरोली में नगरसेवक के लिए और आरमोरी में नगराध्यक्ष पद के लिए एक-एक नामांकन प्राप्त हुआ है।
नाटकीय घटनाक्रम
कांग्रेस ने गड़चिरोली में पूर्व नगराध्यक्ष सुरेश पोरेड्डीवार को अपने खेमे में शामिल कर भाजपा और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के सामने चुनौती खड़ी की थी, लेकिन गड़चिरोली और देसाईगंज में पार्टी अंदरूनी नाराजगी और नाटकीय घटनाक्रम से कमजोर होती दिख रही है।
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भाजपा में नगराध्यक्ष पद की कड़ी टक्कर
भाजपा में नगराध्यक्ष पद के लिए चार इच्छुक दावेदार मैदान में हैं। प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने नाम बंद लिफाफे में प्रादेशिक नेतृत्व को भेज दिए हैं। शुक्रवार को नागपुर स्थित पार्टी कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें चुनाव प्रभारी एवं विधायक कीर्ति कुमार भांगड़िया, चुनाव प्रमुख प्रशांत वाघरे, पूर्व सांसद अशोक नेते, पूर्व विधायक डॉ. देवराव होली और वरिष्ठ नेता प्रमोद पिपरे उपस्थित थे।
कांग्रेस के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती
भाजपा में किसका पलड़ा भारी रहेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) कुछ प्रमुख पदाधिकारियों को अपने साथ जोड़ चुका है, जबकि कुछ नेताओं ने भाजपा का रुख कर लिया है। कांग्रेस के लिए पार्टी में टूट को रोकना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। लोकसभा और आरमोरी विधानसभा चुनावों में मिली सफलता का उत्साह बनाए रखना मुश्किल दिख रहा है। नगर पालिका चुनावों में पार्टी नेतृत्व के सामने बड़ी परीक्षा है।
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सोमवार को दिखेगा शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के लिए अब सिर्फ दो दिन बचे हैं और 16 नवंबर को अवकाश होने के कारण सोमवार को नामांकन केंद्रों पर भारी भीड़ की संभावना है। प्रमुख दलों के उम्मीदवार नामांकन भरते समय शक्ति प्रदर्शन करेंगे। भाजपा में नगराध्यक्ष पद के चार दावेदार होने से यह देखने की उत्सुकता है कि AB फॉर्म किसे मिलेगा। भीड़ को देखते हुए नगर पालिका परिसर में कड़ी पुलिस बंदोबस्त की तैयारी है। चुनावी मुकाबले में कौन-कौन उतरता है, यह तस्वीर सोमवार को साफ हो जाएगी।
