गोंडवाना यूनिवर्सिटी (सौजन्य-नवभारत)
University Institute of Technology: गड़चिरोली में कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारे, प्र-कुलपति डॉ. श्रीराम कावले तथा कुलसचिव डॉ. अनिल हिरेखण की उपस्थिति में आयोजित बैठक में गोंडवाना विश्वविद्यालय का 112637.01 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया। बैठक की शुरुआत में विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव लिए गए, जिन पर विस्तृत चर्चा हुई। वर्ष 2024-25 का संशोधित तथा 2026-27 का मूल बजट प्रस्तुत किया गया।
विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद के सदस्य गुरुदास कामडी ने बजट पेश किया। कुल बजट 112637.01 लाख रुपये का है, जबकि इसमें 3835.49 लाख रुपये का घाटा दर्शाया गया है। इसके बावजूद बजट में छात्र कल्याण की कई योजनाओं को शामिल किया गया है। बजट में कुल आय 108801.52 लाख रुपये तथा व्यय 112637.01 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का कंप्यूटरीकरण, अभिलेखों का डिजिटाइजेशन, सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग तथा सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए फर्नीचर, उपकरण तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं और विसापुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हेतु 612.41 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
निर्माण कार्यों के तहत परीक्षा संकुल, शारीरिक शिक्षा भवन, मल्टीपरपज इंडोर स्पोर्ट्स हॉल, चेंजिंग रूम, खेल मैदान, इनडोर स्टेडियम, छात्रावास और नई प्रशासनिक इमारत के शेष कार्यों सहित पीएम उषा योजना के अंतर्गत कुल 9141.72 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। विभिन्न शैक्षणिक भवनों, छात्रावासों, पुस्तकालयों तथा स्वच्छता सुविधाओं के रखरखाव के लिए 72.50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
परीक्षा विभाग के आधुनिकीकरण, ऑनस्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली और पीएचडी विवा रूम सेटअप के लिए 1696.01 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। शिक्षक एवं छात्र गुणवत्ता योजना के लिए 200 लाख रुपये, रेजिडेंशियल प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के लिए 100 लाख रुपये तथा NAAC की तैयारी के लिए संबद्ध 20 महाविद्यालयों को सहायता देने हेतु 100 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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संबद्ध महाविद्यालयों के पुस्तकालयों के लिए ई-रिसोर्सेस हेतु 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन सेवाएं सुलभ बनाने हेतु बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा।
‘वीर बाबूराव शेडमाके (कमाओ और सीखो) योजना’ के लिए 150 लाख रुपये तथा छात्र सहायता एवं सुविधा केंद्र सहित विभिन्न योजनाओं के लिए 337.01 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। शोध को बढ़ावा देने के लिए लघु अनुसंधान परियोजनाओं हेतु 35 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय तकनीकी संस्थान (UIT) की स्थापना हेतु लॉयड मेटल्स के सहयोग से 300 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट अंतरविद्याशाखा अधिष्ठाता डॉ. प्रगति नरखेडकर ने प्रस्तुत की।