साहब, गाड़ी में...ठग की इस एक लाइन में फंस गए SDPO, क्यूआर कोड से उड़ाए पैसे, रकम जान कर उड़ जाएंगे होश

Umarkhed Police Fraud: उमरखेड में बड़ी घटना! खुद को IG का खबरी बताकर साइबर ठग ने SDPO को ठगा। ₹2000 के लिए पिस्तौल और ड्रग्स की झूठी सूचना देकर पुलिस को घुमाया।
A cyber-criminal posing as an IG's informer dupes Umarkhed SDPO of ₹2,000 via Phone-Pe. High-ranking officer misled with fake tip-off on drugs and weapons.
यवतमाल साइबर क्राइम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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SDPO Hanumant Gaikwad: उमरखेड शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अज्ञात आरोपी ने खुद को पुलिस महानिदेशक (आईजी) का खबरी होने का झांसा देकर उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी से ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से 2 हजार रुपये ठग लिए। इस मामले में आरोपी मोबाइल धारक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर करीब 2:36 बजे उपविभागीय पुलिस अधिकारी हनुमंत गायकवाड को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस महानिदेशक (आईजी) का इन्फॉर्मर बताया। उसने एटीएस को भी सूचना देने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि उसकी पुलिस अधीक्षक से बात हो चुकी है और उमरखेड में बड़ा अपराध होने वाला है।

आरोपी ने फोन पर दी जानकारी

आरोपी ने जानकारी दी कि 7 पिस्टल, 6 किलो एमडी ड्रग्स और 18 जिंदा कारतूस लेकर एक कार बस स्टैंड के सामने आने वाली है। साथ ही संदिग्ध आरोपी ‘आरएल लॉज’ में ठहरे होने की बात भी कही। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत टीम बनाकर जांच शुरू की। इसी दौरान आरोपी ने यह कहते हुए कि “मेरे आदमी की गाड़ी का डीजल खत्म हो गया है”, क्यूआर कोड के जरिए 2 हजार रुपये भेजने की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए और देरी न हो, इसलिए संबंधित अधिकारी ने अपने मित्र के माध्यम से फोन-पे से पैसे भेज दिए। बाद में जब पुलिस ने ‘आरएल लॉज’ और बस स्टैंड क्षेत्र की जांच की, तो ऐसी कोई जगह मौजूद नहीं पाई गई और दी गई पूरी जानकारी झूठी निकली।

दोबारा संपर्क करने पर मोबाइल नंबर बंद मिला। इस प्रकार अज्ञात आरोपी द्वारा झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और आर्थिक ठगी के मामले में उमरखेड़ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

आम जनता कितनी सुरक्षित?

इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। जब उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी भी साइबर ठगों के जाल में फंस रहे हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति कितनी कमजोर हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध अब सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे में आम जनता को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। दुसरी ओर ठगबाज ने एक बडे़ पुलिस अधिकारी से महज 2 हजार रुपये ठगे जाने से इसकी भी खूब चर्चा हो रही है।

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