हिडमा को सोशल मीडिया पर ‘शहीद’ का दर्जा, आदिवासी युवाओं ने दिखाई सहानुभूति, बताया मसीहा
Hidma Killed Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में मुठभेड़ में मारा गया नक्सल नेता माडवी हिडमा, आदिवासी युवाओं ने सोशल मीडिया पर सहानुभूति जताई और उसे शहीद व जंगल, जल, आदिवासी अधिकारों का मसीहा बताया।
- Written By: आंचल लोखंडे
हिडमा को सोशल मीडिया पर 'शहीद' का दर्जा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Madavi Hidma Encounter: सुरक्षा बलों के लिए 2 दशकों से सिरदर्द बने कुख्यात नक्सल नेता माडवी हिडमा को आंध्र प्रदेश में हुई मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस घटना के बाद मुठभेड़ की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच पिछले 2 दिनों से सोशल मीडिया पर “शहीद हिडमा अमर रहे” जैसी पोस्ट तेजी से सामने आ रही हैं। कई आदिवासी युवाओं ने हिडमा के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए उसे जल, जंगल और आदिवासी अधिकारों का मसीहा बताते हुए पोस्ट वायरल की हैं। माडवी हिडमा नक्सल संगठन की सैन्य शाखा का प्रमुख तथा केंद्रीय समिति का सदस्य था।
दंडकारण्य के छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में बीते 2 दशकों से उसके नाम की कई कहानियां प्रचलित थीं। उस पर करीब 500 पुलिसकर्मियों तथा आम नागरिकों की हत्या के आरोप थे। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इतिहास के कई बड़े हमलों का ‘मास्टरमाइंड’ वही था। विभिन्न राज्यों ने उस पर कुल मिलाकर 6 करोड़ से अधिक का इनाम घोषित किया था। 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया। इस दौरान नक्सल गतिविधियों में सक्रिय उसकी पत्नी भी मारी गई।
कई लोगों ने इस मुठभेड़ पर आपत्ति जताई
हालांकि, कई लोगों ने इस मुठभेड़ पर आपत्ति जताई है। इसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर हिडमा को “क्रांतिकारी” और “आदिवासी हक के लिए लड़नेवाला शहीद” बताया जाने लगा है। कई पोस्ट में उसकी पुरानी तस्वीरें साझा कर श्रद्धांजलि दी जा रही है। सहानुभूति जताने वाली पोस्टों में मुख्य रूप से सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। नक्सल संगठन द्वारा बनाए गए फर्जी मुठभेड़ के दावे को भी कई लोग सोशल मीडिया पर आगे बढ़ा रहे हैं।
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चला गया जंगल की रक्षा करने वाला नेता
विशेष रूप से आदिवासी समाज के युवाओं में “जंगल की रक्षा करने वाला नेता चला गया” जैसी पोस्ट देखी जा रही हैं। अब तक किसी भी नक्सल सदस्य के लिए इतनी व्यापक सहानुभूति पहले कभी नहीं दिखाई गई, जिस सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं। इसी बीच नक्सल संगठन के वरिष्ठ नेता देवजी पर भी सोशल मीडिया में निशाना साधा जा रहा है। कई पोस्टों में आरोप लगाया गया है कि देवजी ने हिडमा को आत्मसमर्पण के बहाने आंध्र प्रदेश बुलाया तथा इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दे दी, जिसके चलते हिडमा मारा गया। ऐसी चर्चाएं सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही हैं।
